देसी किरदार होते हैं मजेदार : भूमि पेडणेकर




    -अजय ब्रह्मात्‍मज
भूमि पेडणेकर अभी मुंबई में टॉयलेट-एक प्रेम कथा की शूटिंग कर रही हैं। इसी फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में वे कुछ महीनों पहले मथुरा और आगरा में थीं। दम लगा के हईसा की रिलीज के बाद से उनकी कोई फिल्म अभी तक नहीं आई है। इस बीच उन्होंने अपनी पहली फिल्म के हीरो आयुष्‍मान खुराना के साथ ही शभ मंगल सावधान की शूटिंग पूरी कर ली है। आयुष्‍मान और भूमि दोनों ही आनंद एल रॉय प्रस्तुत इस फिल्म में नए रूप-रंग और अंदाज में दिखेंगे। शुभ मंगल सावधान के निर्देशक प्रसन्ना हैं।
    हमारी बात पहले टॉयलेट एक प्रेम कथा से ही शुरू होती है। इस फिल्म की घोषणा के समय से ही टायटल की विचित्रता के कारण जिज्ञासा बनी थी। टॉयलेट एक प्रेम कथा नीरज पांडे के प्रॉडक्‍शन की फिल्म है। इसे श्री नारायण सिंह निर्देशित कर रहे हैं। भूमि बताती हैं, आगरा और मथुरा में इस फिल्म की शूटिंग में बेहद मजा आया। साथ में अक्षय कुमार जैसे अभिनेता हों तो हर तरह की सुविधा हो जाती है। टॉयलेट एक प्रेम कथा रोमांटिक सटायर है। दर्शकों को यह यूनीक लव स्टोरी बहुत मजेदार लगेगी। फिल्म की कहानी गोवर्द्धन की पृष्‍ठभूमि में है। गोवर्द्धन आगरा और मथुरा के बीच स्थित है। खास बात है कि टॉयलेट एक प्रेम कथा फनी के होने के साथ ही सामाजिक रूप से प्रासंगिक फिल्म है। इस फिल्म की अभी जरूरत है। देश के स्वच्छता अभियान का समर्थन करती है यह फिल्म।
    भूमि पेडणेकर के नाम से उनका मराठी होने का अहसास होता है। दम लगा के हईसा और टॉयलेट एक प्रेम कथा की शूटिंग के दौरान उत्‍तर भारत में रहने के अनुभवों के बारे में पूछने वह कहती हैं, कम लोगों को मेरा नॉर्थ इंडियन कनेक्शन मालूम है। उत्‍तर भारत मेरे लिए कभी नया नहीं रहा। मैं साल के कुछ महीनों के लिए वहां जाती रही हूं। हरियाणा में मेरा ननिहाल है। मेरी मां वहां की हैं। मैं तो एक तरह से नॉर्थ इंडिया में भी पली-बढी हूं। वहां का कल्चर मेरे लिए अनजान नहीं है। मेरे अंदर जो गुस्सा और प्यार है, वह हरियाणा का ही है। हिम्मत भी वहीं से मिली है। मैं हरियाणवी नहीं बोल पाती हूं, लेकिन समझ लेती हूं। हरियाणा के संपर्क की वजह से मेरी हिंदी साफ है।
    बहरहाल, शुभ मंगल सावधान इसी साल अगस्त में रिलीज होगी। यह रोमांटिक स्टोरी है। मैं दावा कर सकती हूं कि ऐसी रोमांटिक स्टोरी हिंदी फिल्मों में तो नहीं बनी है। मेरा किरदार देश की हर लड़की से कनेक्ट कर पाएगा। बहत ही सरस फिल्म है। फैमिली एंटरटेनमेंट के रूप में आ रही इस फिल्म पर पूरा भरोसा है, क्योंकि इसके साथ आनंद एल राय और इरॉस की  बैकिंग में यह केमिस्ट्री पर्दे पर दिखाई पड़ती है। सेट पर हमारा कंफर्ट जोन देख कर यूनिट के लोग दंग रह जाते हैं। हमारे डायरेक्टर प्रसन्ना का अप्रोच नया और अलग है।
    भूमि की दूसरी फिल्म के भी हीरो आयुष्‍मान खुराना हैं। क्या पहली फिल्म की सराहना का लाभ शुभ मंगल सावधान को मिलेगा। भूमि अपनी खुशी छिपा नहीं पातीं। वे कहती हैं, दूसरी फिल्म में आयुष्‍मान के साथ आकर मैं बहुत खुश हूं। वह मेरे पहले को-स्टार हैं। उनके साथ मेरा संबंध स्पेशल है और हमेशा रहेगा। हम अच्छे दोस्त हैं। अच्छी बात है कि वे बहुत ही उम्दा एक्टर हैं। उम्दा एक्टर होने के साथ-साथ वे अपना काम भी बेहतर होता है। हम दोनों अपनी एक्टिंग को लेकर बहुत सुरक्षित हैं। आयष्‍मान खुराना भी भूमि को पूरा सम्मान देते हैं। वे भूमि को लेडी आमिर खान कहते हैं। वह इसलिए कि उन्होंने भी उनकी ही तरह अपना वजन बढाया था। फर्क इतना ही है कि उन्होंने किसी एक फिल्म के लिए ऐसा नहीं किया। भूमि अपने को-स्टार की इस तारीफ पर हंसती हैं। वे कहती हैं, इसकी वजह से मेरी आइडेंटिटी क्राइसिस बढ़ जाती है। परिवार के लोग पहचान नहीं पाते। मां भी नहीं पहचानती। मुझे लगता है कि टॉयलेट एक प्रेम कथा में ही दर्शक असली भूमि पेडणेकर को देख पाएंगे।
    शुभ मंगल सावधान की कहानी दिल्ली की है। इस फिल्म के नैरेशन के समय ही हम हंस-हंस कर लोटपोट हो रहे थे। बहत मजा आया था। यही उम्मीद है कि वही मजा दर्शकों को भी आएगा। मैं कह सकती हूं कि शुभ मंगल सावधान लीक से हटकर लव स्टोरी है। फिल्म में मेरे किरदार का नाम सुगंधा है। आनंद एल रॉय और इरॉस साथ आते हैं तो एसोसिएशन बहुत अच्छा हो जाता है। वे सिंपल देसी कहानी उठाते हैं। उनकी फिल्में स्वीट और सिंपल रहती हैं। शुभ मंगल सावधान भी उसी जोन की फिल्म है।
    भूमि की उक्त तीनों फिल्मों को देख ऐसा लग रहा है कि वे खास किस्म की भूमिका में बंधती जा रही हैं। भूमि बताती हैं कि वह तीनों फिल्मों के मेरे किरदार बहुत अलग है। हां, तीनों हिंदुस्तानी लड़कियां हैं। उनका संबंध खास किस्म के परिवेश से है। अभी तो इतना ही कह सकती हूं कि टाइपकास्ट होने के डर से फिल्में नहीं छोडूंगी। अभी लेखक-निर्देशक समझ गए हैं कि हमारे दर्शक स्मार्ट हो गए हैं। जरा भी दोहराव होगा तो वे रिजेक्ट कर देंगे। आप उन्हें एक ही फिल्म नहीं दे सकते। तो क्या भूमि की ख्‍वाहिश नहीं है कि वह भी पहाड़ी वादियों में शिफॉन की साड़ी पहने कोई रॉकस्टार गीत गाएं? भूमि जवाब देती हैं, अभी तो मुझे एक साल हुआ है। दर्शकों का प्रेम मिलता रहा तो वह भी मिलेगा। असल हिंदुस्तानी की भूमिका निभाने में मुझे मजा आता है। गर्व होता है।  

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