अनुभव रहा शानदार - शाहिद कपूर




-अजय ब्रह्मात्‍मज
      उस दिन शाहिद कपूर झलक दिखला जा रीलोडेड के फायनल एपीसोड की शूटिंग कर रहे थे। तय हुआ कि वहीं लंच पर इंटरव्‍यू हो जाएगा। मुंबई के गोरेगांव स्थित फिल्मिस्‍तान स्‍टूडियो में उनका वैनिटी वैन शूटिंग फ्लोर के सामने खड़ा था।
       पाठकों को बता दें कि यह वैनिटी बैन किसी एसी बस का अदला हुआ रूप होता है। इसके दो-तिहाई हिस्‍से में स्‍टार का एकाधिकार होता है। एक-तिहाई हिस्‍से में उनके पर्सनल स्‍टाफ और उस दिन की शूटिंग के लिए बुलाए गए अन्‍य सहयोगी चढ़ते-उतरते रहते हैं। स्‍टार के कॉस्‍ट्यूम(चेंज के लिए) भी वहीं टंगे होते हें। अमूमन सुनिश्चित मेहमानों को इसी हिस्‍से के कक्ष में इंतजार के लिए बिठाया जाता है। स्‍टार की हामी मिलने के बाद बीच का दरवाजा खुलता है और स्टार आप के सामने अपने सबसे विनम्र रूप में रहते हैं। आखिर फिल्‍म की रिलीज के समय इंटरव्‍यू का वक्‍त होता है। स्‍टार और उनके स्‍टाफ को लगता है कि अभी खुश और संतुष्‍ट कर दिया तो सब कुछ ठीक हो जाएगा। इतनी बार चाय या काफी या ठंडा पूछा जाता है कि लगने लगता है कि अगर अब ना की तो ये जानवर समझ कर मुंह में कांड़ी डाल कर पिला देंगे।
         बहरहाल, उस दिन सब कुछ तय था। निश्चित समय से दस मिनट ज्‍यादा हुए होंगे कि बुला लिया गया। घुसने पर पहले शाहिद की पीठ दिखी। वे कुसर्भ्‍ पर बैठे थे। उनके साने टिफिन रखा था। टिफिन्‍ के डब्‍बों में सब्जियां और दाल थी। रोटी और चावल भी था। बताया गया था कि समय की तंगी की वजह से यह व्‍यवस्‍था की गई है। आप उनके लंच के समय बात कर लें। बात शुरू ही हुई थी कि उनकी मैनेजर भी आकर बैठ गई। अब यह नया सिलसिला है। स्‍टार के साथ बातचीत के समय उनके मैनेजर या पीआर टीम का कोई सदस्‍य बैठ जाता है। उनकी आप की हिंदी बातचीत में कोई रुचि नहीं होती। वे अपनी मोबाइल में उलझी रहती हैं और अपनी मौजूदगी मात्र से डिस्‍टर्ब कर रही होती हैं। सच कहें तो इंटरव्‍यू प्रेमालाप की तरह होते हैं। किसी तीसरे की मौजूदगी कुछ बातें पूछने और बताने से रह जाती हैं। आज का यह विवरण उस परिप्रेक्ष्‍य के लिए है,जिसमें स्‍टार के इंटरव्‍यू होते हैं। और हां,20 मिनट की इस बातचीत में पीआर की एक सदस्‍य तीन बार बताने आई कि आप का समय पूरा हो गया है। इस बातचीत के दौरान शाहिद ने अपना डायट फूड भी खत्‍म किया,क्‍योंकि उन्‍हें शूट के लिए फ्लोर पर जाना था।
          शादी के बाद शाहिद कपूर के जीवन में सबसे बड़ा फर्क यही आया है कि लंच में उनके लिए घर से टिफिन आता है। शाहिद टिफिन के डब्‍बों की तरफ इशारा करते हुए कहते हैं,’ इससे पहले की आप शादी के बारे में पूछें। मैं ही बता देता हूं कि अब घर से टिफिन आता है। डायटिशियन के सुझाव के अनुसार ही सब कुछ तैयार किया जाता है। स्‍वाद और वैरायटी मिल रही है। इसके साथ ही शूटिंग के बाद घर लौटने पर बात करने के लिए कोई रहता है। अच्‍छी बात है कि मीरा का फिल्‍मों से कोई ताल्‍लुक नहीं है। हमलोग कुछ और बातें करते हैं। इस बातचीत में ही हम एक-दूसरे को समझ रहे होते हैं। करीब आ रहे होते हैं।‘

      ‘शानदार’ की बात चलने पर शाहिद कपूर बताते हें,’ विकास बहल से मेरी मुलाकात ‘कमीने’ के समय हुई थी। तब वे डायरेक्‍श्‍न में नहीं आए थे। इस बीव वे डायरेक्‍शन में आ गए। उन्‍होंने पहले एक छोटी फिल्‍म और फिर क्‍वीन निर्देशित की। उनकी क्‍वीन बेहद सफल रही,लेकिन मैं बता दूं कि मैंने शानदार उनकी क्‍वीन की सफलता के पहले ही साइन कर ली थी। विकास में अलग सी एनर्जी और उत्‍साह है। आप उन्‍हें ना नहीं कह सकते। उन्‍होंने बताया था कि उन्‍हें डेस्टिनेशन वेडिंग पर एक मजेदार फिल्‍म करनी है। मुझे उनका आयडिया पसंद आया और मैंने हां कर दी। हिंदी में इस कंसेप्‍ट पर बनी यह अनोखी फिल्‍म है। हिंदी सिनेमा की सभी खासियतों को विकास ने बड़े स्‍केल पर शूट किया है। मौज-मस्‍ती और नाच-गाना सब कुछ है। पूरी फिल्‍म में पार्टी ही चलती रहती है। इसमें मेरे साथ प्रतिभाशाली आलिया भट्ट हैं। यह फिल्‍म मेरे लिए खास है,क्‍योंकि इसमें मेरे पिता पंकज कपूर और मेरी बहन सना कपूर भी हैं। उन सभी के साथ होने से शानदार यादगार फिल्‍म हो गई है।‘
      शाहिद कपूर की फिल्‍मों के चुनाव में एक बदलाव दिख रहा है। वे स्‍पष्‍ट कहते हैं,’पिछले सालों में मैं प्रयोग कर रहा था। हर तरह की फिल्‍मों में हाथ आजमा रहा था। यही चाहत थी कि सफल रहूं। फिर एहसास हुआ कि इस कोशिश में मैं कई चीजें खो रहा हूं और कहीं पहुंच नहीं पा रहा हूं। विशाल भारद्वाज के साथ कमीने करते समय जैसी एकाग्रता और ऊर्जा रहती थी... उसकी कमी महसूस हो रही थी। फिर हैदर आई। उसके बाद सब कुछ तय हो गया। मन की दुविधा और बेचैनी खत्‍म हो गई। मैंने समझ लिया कि सफलता के लिए कोई फिल्‍म नहीं करनी है। वही फिल्‍म करनी है,जहां सुकून मिले और काम करने से संतुष्टि हो। शानदार भी ऐसी ही फिल्‍म है। इसके बाद उड़ता पंजाब आएगी। एके वर्सेस एसके की भी शूटिंग चल रही है। मैंने यह दाढ़ी रंगून के लिए बढ़ा रखी है। विशाल सर ने मुझे कहा कि दाढ़ी बढ़ाओ। देखें फायनली क्‍या लुक मिलता है?’ शाहिद कपूर इन दिनों घनी दाढ़ी में ही हर जगह दिख रहे हैं।
     इस फिल्‍म में शाहिद आने पिता पंकज कपूर के साथ दिखेंगे। पिता के बारे में पूछने पर वे जवाब देते हैं,’ शानदार में डैड के साथ अच्‍छा अनुभव रहा। डैड इतने बड़े एक्‍टर हैं। विकास ने हम दोनों के बीच कुछ मजेदार सीन रखे हैं। ट्रेलर में तो अभी झलक मात्र मिली है। डैड के मुकाबले मैं कहीं नहीं हूं। बाकी,इस फिल्‍म के दृश्‍यों में उनके सामने वह सब विकास ने मुझ से करवाया,जो मैं अपने डैड के सामने जिंदगी में कभी नहीं कर सकता। डैड ने भी खूब मजे लिए।‘  

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