दरअसल : फिल्‍म स्‍टार्स के फैशन ब्रांड



दरअसल...
फिल्‍म स्‍टारों के फैशन ब्रांड
-अजय ब्रह्मात्‍मज

दो दिन पहले सोनम कपूर ने अपनी बहन रिया कपूर के साथ मिल कर खुद का नया फैशन ब्रांड रिसोन आरंभ किया। सारे मशहूर ब्रांड सोनम कपूर के साथ मिल कर फैशन का नया ब्रांड शुरू करना चाह रहे थे। सोनम ने मौके की जरूरत को समझा और बहन रिया के साथ इस वंचर की शुरूआत कर दी। सोनम की स्‍टायलिंग रिया कपूर ही करती हैं। दोनों बहनों की कोशिश है कि शहरी मिडिल क्‍लास की लड़कियों को किफायती कीमत में फैशनेबल कपड़े मिल जाएं। रिया और सोनम के पहले कई फिल्‍म स्‍टार अपने फैशन ब्रांड ला चुके हैं। वे सफल भी हैं और निश्चित कमाई कर रहे हैं। इनमें से सबसे अधिक कामयाबी सलमान खान को मिली है। उनका बीइंग ह्यूमन ब्रांड अब प्रदेशों की राजधानियों से आगे जिला शहरों तक में खुल रहा है।
भारतीय समाज में फिल्‍म स्‍टार ही फैशन आइकॉन माने जाते हैं। समाज के अप्न्‍य क्षेत्रों की तरह फैशन जगत में भी उनकी तूती बोलती है,क्‍योंकि उनके नाम के साथ उनकी लोकप्रियता जुड़ी होती है। फिल्‍मों और फिल्‍म स्‍टारों से ही हमारे देश के युवा फैशन सीखते हैं। किसी फिल्‍म के पॉपुलर होते ही उसके नायक और नायिका के कपड़ों की नकल होन लगती है। अभी कपड़ों के ब्रांड आ गए हैं और फिल्‍म स्‍टारों के फैशन बांड चलने लगे हैं। पहले तो शहर के दर्जी ही फैशन की जरूरत को अंजाम देते थे। राजेश खन्‍ना का खास कुर्ता,शत्रुघ्‍न सिन्‍हा के जैकेट और अमिताभ बच्‍चन की बड़े कॉलर की कमीजें हमारे फैमिली दर्जी ही सिल देते थे। लड़कियों के कपड़े हीरोइनों के परिधानों से नकल किए जाते थे। और कुंबई की फैशन स्‍ट्रीट से कस्‍बों तक पहुंचने में उनहें अधिक देर नहीं लगती थी। याद करें तो हम आप के हैं कौन ने तो साडि़यों के रंग और डिजायन तक तय कर दिए थे। करीना कपूर के ब्राइडल लहंगे की मांग अभी तक बनी हुई है। उस पर तो फिल्‍म भी बन चुकी है।
फैशन पर फिल्‍मों और फिल्‍म हीरोइनों का प्रभाव हमेशा रहा है। इधर उसमें बाजार और व्‍यापार घुस गया है। फिल्‍म स्‍टारों को भी समझ में आ गया है कि ब्रांड एंडोर्स करने से बेहतर है कि हम अपना फैशन ब्रांड आरंभ करें। अपना स्‍टार्ट अप खड़ा करें और सारा मुनाफा सीधे लें। नरगिस,नूतन,मधुबाला और मीनाकुमरी या दिलीप कुमार,देव आनंद और राज कपूर के जमाने में अपनी भागीदारी से पैसे कमाने की यह सुधि सितारों में नहीं थी। तब अभिनय और फिल्‍मों से जुड़ी अघोषित नैतिकताएं थीं। कलाकार अपने पेशे और पैशन से बाहर की एक्टिविटी के बारे में सोच ही नहीं पाते थे। 21 वीं सदी के पहले आर्थिक सुरक्षा के लिए वे जेवर और रियल एस्‍टेट में ही निवेश किया करते थे। भला हो मनमोहन सिंह की आर्थिक उदार नीति और बाजार के बड़ते प्रभाव का... सितारों को लगा कि एक्टिंग तो चल ही रही है। उसके साथ और भी धंध्‍े किए जा सकते हैं। फिल्‍मों से मिली लोकप्रियता को धंधे में भुनाया जा सकता है। पहल करने वालों में सुनील शेट्टी उल्‍लेखनीय हैं।
21 वीं सदी में तो सारे कलाकार और स्‍टार फिल्‍मों के साथ अन्‍य व्‍यापारिक प्रस्‍तावों पर गौर करने लगे हैं। मशहूर फैशन बांड के एंडोर्समेंट और मॉडलिंग में भी अनेक सितारे व्‍यस्‍त हैं। फैशन ब्रांड में ही देखें तो अग्रणी सलमान खान से लेकर सोनम कपूर तक बाजार में उतर चुके हैं। अभी दीपिका पादुकोण,रितिक रोशन,करण जौहर,आलिया भट्ट,शिल्‍पा शेट्टी,श्रद्धा कपूर,करीना कपूर खान,लारा दत्‍ता,बिपाशा बसु,अनुष्‍का शर्मा,जॉन अब्राहम,लीजा हेडन,लीजा रे,मलाइका अरोड़ा खान आदि अपने छोटे-बड़े ब्रांड के साथ बाजार में मौजूद हैं। इनके ब्रांड की मांग फिल्‍मों की कामयाबी के साथ घटती-बढ़ती रहती है। अभी सलमान खान अकेले ऐसे सितारे हैं,जिन्‍होंने फैशन ब्रांड में ठोस प्रगति हासिल की है। सबूत यह है कि उनके बीइंग ह्यूमन के नकली उत्‍पाद धड़ल्‍ले से कस्‍बों में बिक रहे हैं।
@brahmatmajay

Comments

Popular posts from this blog

लोग मुझे भूल जायेंगे,बाबूजी को याद रखेंगे,क्योंकि उन्होंने साहित्य रचा है -अमिताभ बच्चन

फिल्‍म समीक्षा : एंग्री इंडियन गॉडेसेस

तो शुरू करें