मिमोह ने खुद को साबित किया अच्छा डांसर

पहले यह जान लें कि जिम्मी मिथुन चक्रवर्ती के बेटे मिमोह चक्रवर्ती की पहली फिल्म है। किसी भी स्टार सन की पहली फिल्म में निर्देशक की कोशिश रहती है कि वह स्टार सन के टैलेंट को अच्छी तरह से दिखाए। जिम्मी देखने के बाद कह सकते हैं कि मिमोह अच्छे डांसर हैं और एक्शन दृश्य में भी सही लगते हैं। जहां तक एक्टिंग और इमोशन का मामला है तो अभी उन्हें मेहनत करनी होगी। जिम्मी के पिता ने बिजनेस फैलाने के लिए कर्ज में भारी रकम ली थी और बिजनेस में कामयाब नहीं होने पर दिल के दौरे से उनकी मृत्यु हो गयी। अब जिम्मी की जिम्मेदारी है कि वह उनके कर्ज को चुकाए। ज्यादा पैसे कमाने के लिए वह दिन में आटोमोबाइल इंजीनियर और रात में डीजे का काम करता है। उसे हर समय डांस करते ही दिखाया गया है। जिम्मी एक साजिश का शिकार होता है। खुद को निर्देष साबित करने में वह अपने एक्शन का हुनर भी दिखाता है। निर्देशक ने जिम्मी को ज्यादा इमोशनल सीन नहीं दिए हैं। शायद वह मिमोह की सीमाओं को जानते होंगे। अमूमन स्टार सन की फिल्म का पैमाना बड़ा होता है। मिमोह को यह सौभाग्य नहीं मिला। सीमित बजट की फिल्म में दोयम दर्जे के सहयोगी कलाकारों से काम लिया गया है। यही कारण है कि फिल्म का ड्रामा प्रभावित नहीं करता। कमजोर पटकथा और शिल्प के कारण मिमोह चक्रवर्ती उभर नहीं पाए हैं। निर्देशन पर राज एन। सिप्पी की पकड़ ढीली हो चुकी है। वह दो दशक पहले की फिल्मों जैसे दृश्यों की ही परिकल्पना करते हैं। नतीजतन फिल्म बेअसर साबित होती है। मिमोह को अभी इमोशन, आवाज, संवाद अदायगी पर काम करने की जरूरत है। उनके लंबे बाल अच्छे नहीं लगते। कहा जा सकता है कि उनके लुक पर भी मेहनत नहीं की गयी है। हां, डांस करते हुए मिमोह प्रभावित करते हैं और ऐसा लगता है कि उसमें उनका मन भी रमता है, लेकिन हिन्दी फिल्मों के हीरो को डांस के साथ बहुत कुछ करना पड़ता है.

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