फिर से साथ आ रहे हैं आशुतोष गोवारिकर और रितिक रोशन




-अजय ब्रह्मात्मज

    आशुतोष गोवारिकर और रितिक रोशन की डायरेक्टर-स्टार जोड़ी एक बार फिर ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर बन रही प्रेमकहानी ‘मोहनजोदाड़ो’ में दिखेगी। आशुतोष गोवारिकर और रितिक रोशन दोनों इस फिल्म को लेकर उत्साहित हैं। ‘मोहनजोदाड़ो’ सिंधु घाटी की सभ्यता की प्रेमकहानी है, जिसमें रितिक रोशन नायक की भूमिका निभाएंगे। नायिका का चुनाव अभी तक नहीं हुआ है। अक्टूबर-नवंबर में आरंभ हो रही इस फिल्म का सेट ‘लगान’ और ‘जोधा अकबर’ की तरह विशाल एवं विस्तृत होगा। सेट के लिए समुचित स्थान की खोज जारी है। ‘मोहनजोदाड़ो’  की घोषणा पर रितिक रोशन कहते हैं, ‘आशुतोष के साथ फिल्म करना शारीरिक और मानसिक तौर पर चुनौती है। उनके असामान्य किरदारों को पर्दे पर उतारना आसान नहीं होता। मेरे लिए खुशी की बात है कि देश-दुनिया में विख्यात सिंधु घाटी की सभ्यता के समय के किरदार को जीने का मौका मिलेगा।’ अपनी फिल्मों की भव्यता और गहराई के लिए विख्यात आशुतोष गोवारिकर ‘मोहनजोदाड़ो’ को पिछली फिल्मों से अधिक मुश्किल मानते हैं। वे कहते हैं, ‘मुझे प्रेमकहानियां पसंद हैं। मैं अलग-अलग पीरियड की प्रेम कहानियां पेश करने में यकीन रखता हूं। इस बार सिंधु घाटी की संस्कृति और सभ्यता के बीच प्रेम का बखान करूंगा। मुझे इसके लिए पुरातात्विक साक्ष्यों के आधार पूरा नगर बसाना है। 4500 साल पहले की प्रेमकहानी के लिए उपयुक्त परिवेश तैयार करना ही  अभी सबसे बड़ी चुनौती है।’ ‘मोहनजोदाड़ो’ की अन्य कलाकारों का चुनाव अभी नहीं हुआ है। आशुतोष ने ऐतिहासिक दस्तावेजों और पुरातात्विक सामग्रियों के आधार पर साढ़े चार हजार साल पहले की कहानी बुनी है। उल्लेखनीय है कि सिंधु घाटी की सभ्यता की पृष्ठभूमि पर ही रांगेय राघव ने ‘मुर्दों का टीला’ नामक उपन्यास लिखा था।








Comments

Popular posts from this blog

लोग मुझे भूल जायेंगे,बाबूजी को याद रखेंगे,क्योंकि उन्होंने साहित्य रचा है -अमिताभ बच्चन

फिल्‍म समीक्षा : एंग्री इंडियन गॉडेसेस

तो शुरू करें