भारत का पर्याय बन चुकी हैं ऐश्वर्या राय

-हरि सिंह
ऐश्वर्या राय के बारे में कुछ भी नया लिख पाना मुश्किल है। जितने लिंक्स,उतनी जानकारियां। लिहाजा हमने कुछ नया और खास करने के लिए उनके बिजनेस मैनेजर हरि सिंह से बात की। वे उनके साथ मिस व‌र्ल्ड चुने जाने के पहले से हैं। हरि सिंह बता रहे हैं ऐश के बारे में॥
मुझे ठीक-ठीक याद नहीं कि मैंने कब उनके साथ काम करना आरंभ किया। फिर भी उनके मिस व‌र्ल्ड चुने जाने के पहले की बात है। उन्होंने मॉडलिंग शुरू कर दी थी। मिस इंडिया का फॉर्म भर चुकी थीं। आरंभिक मुलाकातों में ही मुझे लगा था कि ऐश्वर्या राय में कुछ खास है। मुझे उनकी दैवीय प्रतिभा का तभी एहसास हो गया था। आज पूरी दुनिया जिसे देख और सराह रही है, उसके लक्षण मुझे तभी दिखे थे। मॉडलिंग और फिल्मी दुनिया में शामिल होने के लिए बेताब हर लड़की में सघन आत्मविश्वास होता है, लेकिन हमलोग समझ जाते हैं कि उस आत्मविश्वास में कितना बल है। सबसे जरूरी है परिवार का सहयोग और संबल। अगर आरंभ से अभिभावक का उचित मार्गदर्शन मिले और उनका अपनी बेटी पर भरोसा हो, तो कामयाबी की डगर आसान हो जाती है।
ऐश के साथ यही हुआ। उन्हें अपने परिवार का पूरा समर्थन मिला। मां-बाप ने उन्हें अपेक्षित संस्कार और मूल्यों के साथ पाला। अपने लंबे परिचय के आधार पर मैं यह दावे के साथ कह सकता हूं कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में इतनी संस्कार वाली दूसरी कोई अभिनेत्री नहीं है। ऐश बड़ों का मान-सम्मान करना जानती हैं। फिल्म इंडस्ट्री के किसी भी सीनियर व्यक्ति से आप बात कर लें। उन्होंने उनके साथ काम किया हो या नहीं किया हो, लेकिन अगर एक बार मिल चुके हैं, तो वे ऐश के गुण गाते मिलेंगे। वे गुणवंती हैं। आदर्श बेटी, बहन, बीवी और बहू हैं। अपने सभी रिश्तों को उन्होंने सहेज कर रखा है। उन रिश्तों को वे आदर, स्नेह और प्यार से सींचती रहती हैं। वे खुद काफी व्यस्त रहती हैं, लेकिन एक पल को भी संबंधों के बीच में व्यस्तता को आड़े नहीं आने देतीं। निश्चित ही उनके करीबी भी उनकी भावनाओं को समझते हैं और उन्हें भी पूरी जगह देते हैं। हर संबंध परस्पर व्यवहार और सम्मान से ही खिलता है।
मैं अपने अनुभवों से ही उदाहरण दूं, तो ऐश्वर्या के लिए कतई जरूरी नहीं है कि वे कभी मेरे पांव छूएं। अपने हर जन्मदिन पर वे ऐसा कर आशीर्वाद लेती हैं। इस एक सामान्य सम्मान से वे कितनी दुआएं ले लेती हैं। दिल से उनके लिए दुआ निकलती है। मुझे याद है कि शादी की रस्म निभाने के बाद जब बड़ों से आशीर्वाद लेने की बारी आई, तो उन्होंने तमाम प्रतिष्ठित लोगों के बीच भी ऐसा ही किया। अभिषेक बच्चन ने भी उनका अनुकरण किया। आज सोचता हूं, तो लगता है कि उनकी यह सहज क्रिया के पीछे कितना सम्मान और संस्कार रहा होगा। अमूमन बड़े और मशहूर होने के बाद लोग अदब भूल जाते हैं। अपने पारिवारिक और पारंपरिक मूल्यों को निभाने में भी झेंप महसूस करते हैं।
दैवीय सौंदर्य की धनी ऐश्वर्या राय की कद्र पूरी दुनिया करती है। मुझे विदेशों के लोग मिलते हैं, तो वे बताते हैं कि कैसे पूरी दुनिया के लोग उन्हें पहचानते हैं। भारत का नाम लेते ही उनके जहन में ऐश का नाम आता है। वह भारत का पर्याय बन चुकी हैं। यह बड़ी उपलब्धि है और उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी भी है। ऐश्वर्या में नैसर्गिक प्रतिभा है। उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से उसे निखारा है। शुरू से ही वे मेहनत करने से नहीं हिचकतीं। आज नाम और पहचान होने के बाद भी वे मेहनत में ढील नहीं करतीं। आमतौर पर अपने यहां शादी के बाद हीरोइनों को नई फिल्मों के ऑफर नहीं मिलते, लेकिन उनके पास अभी चार फिल्में हैं। वे दक्षिण भारत के शंकर और मणिरत्नम के साथ काम कर रही हैं, तो हिंदी की विपुल शाह और संजय लीला भंसाली की फिल्में भी कर रही हैं। उनके साथ हर डायरेक्टर काम करना चाहता है। अगर पिछले दशक की दस बड़ी फिल्मों की सूची बनाएं, तो उसमें आधी में ऐश मिलेंगी। इस उपलब्धि का उन्हें रत्ती भर अभिमान नहीं है। जीवन में नाम और पैसा तो बहुत से लोग कमाते हैं, लेकिन लोगों का प्यार कमाना आसान नहीं होता। उससे भी मुश्किल है अपने से बड़ों का आशीर्वाद पाना। मैं तो उन्हें लगातार देख रहा हूं। उनके व्यक्तित्व में जरा भी बदलाव नहीं आया है। मैं तो कहूंगा कि वे और भी विनम्र और समझदार हो गई हैं। आने वाले समय में शायद ही कोई लड़की उनसे आगे निकल पाए। वे मिसाल हैं कि ग्लैमर की दुनिया में भी अपने संस्कारों के साथ कैसे सिर ऊंचा रखा जा सकता है। वे संस्कारी हैं और अच्छी बात यह हुई कि वे संस्कारवान परिवार में गई। उनका बच्चन परिवार की बहू बनना सोने पर सुहागा की तरह है।

Comments

यह तो फिर से गुणगान हो गया...
एक इंटरव्यू के दौरान कही ऐश की ये बात मुझे बड़ी अपील करती है..:" महत्वपूर्ण होना अच्छा है, पर अच्छा होना ज्यादा महत्वपूर्ण है.."
chavannichap said…
गुण है तभी तो गान हो रहा है। आप अवगुणों के उल्‍लेख के लिए आमंत्रित हैं।
गुण हैं, गान भी है पर सबसे सुंदर बात है कि कई अनछुए पहलुओं की जानकारी मिली. ख़ासकर ऐश के बारे में (जिन्हें हम पूर्वाग्रहों की वज़ह से प्लास्टिक फेस कहकर नकार देते हैं) ये पता चलना कि वो बड़ों का किस क़दर सम्मान करती हैं!

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