सिनेमालोक : कार्तिक आर्यन की बढ़ी लोकप्रियता


सिनेमालोक
कार्तिक आर्यन की बढ़ी लोकप्रियता
-अजय ब्रह्मात्मज
मुदस्सर अजीज की ‘पति पत्नी और वो’ अभी तक सिनेमाघरों में चल रही है। इस फिल्म की कामयाबी से कार्तिक आर्यन की लोकप्रियता में बढ़ोतरी हुई है। ट्रेड पंडितों की राय में कार्तिक आर्यन भरोसेमंद युवा स्टार के तौर पर उभरे हैं। उनकी लोकप्रियता नई पीढ़ी के दूसरे अभिनेताओं से अलग और विशेष है। पिछले दो-तीन सालों में कार्तिक आर्यन, राजकुमार राव, आयुष्मान खुराना और विकी कौशल ने अपनी फिल्मों से दमदार दस्तक दी है। इन चारों में कार्तिक आर्यन को शेष तीन की तरह विषय प्रधान फिल्में नहीं मिलीं। बतौर एक्टर उन्हें बड़ी सराहना भी नहीं मिली, बल्कि कुछ समीक्षकों की राय में कार्तिक आर्यन को अभी समर्थ अभिनेता की पहचान बनाने में थोड़ा वक्त और लगेगा। समीक्षकों की उपेक्षा और आलोचना के बीच कार्तिक आर्यन ने दर्शकों के बीच लोकप्रियता हासिल की। फिल्म दर फिल्म उनकी स्थिति मजबूत होती गई है। इम्तियाज अली की उनकी फिल्म पूरी हो चुकी है, जो अगले साल फरवरी में रिलीज होगी।
कार्तिक आर्यन 2011 शुरुआत की। ‘प्यार का पंचनामा’ उनकी पहली फिल्म थी। इस फिल्म के बाद उन्हें ‘आकाशवाणी’ और ‘कांची’ जैसी फिल्में मिलीं. ‘कांची’ के निर्देशक सुभाष घई थे। इन दोनों फिल्मों को दर्शकों ने अधिक पसंद नहीं किया था। जाहिर सी बात है कि ठोस मौजूदगी ना हो तो पिछली फिल्मों की असफलता कैरियर के लिए ग्रहण बन जाती है। रोशन हो रही राह में अंधेरा छाने लगता है। आसपास के लोग कन्नी काटने लगते हैं और कामयाबी के ककहरे पर चलने वाली फिल्म इंडस्ट्री के लिए आप कम प्रयोग में आने वाले अक्षर बन जाते हैं। ठीक-ठाक सी शुरुआत के बाद मिले ऐसे अंधेरों से डर लगता है कि कहीं कैरियर की गति पर स्थाई विराम न लग जाए? कार्तिक आर्यन भी छोटे कैरियर में उदास दिनों से गुजर चुके हैं। उनकी घबराहट और छटपटाहट भी देखी है मैंने।
फिर फिल्में चलनी शुरू हुईं और राह में रोशनी लौटी। ‘प्यार का पंचनामा 2 और ‘सोनू के टीटू की स्वीटी ने’ जरूरी कामयाबी दी। उत्तरोत्तर मिल रही सफलता में कार्तिक ने संयम से काम लिया। वह सधे कदमों से सीढ़ियां चढ़ते रहे। ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ की सफलता ने उनके लिए फिल्म इंडस्ट्री के दरवाजे का एक पल्ला खोल दिया। कार्तिक आर्यन ने इस अवसर का पूरा लाभ उठाया और ढंग से फिल्मों का चुनाव किया और कैरियर की लॉन्चिंग की। नतीजा सभी के सामने है। ‘लुकाछिपी’ और ‘पति पत्नी और वो’ ने उनके दर्शक और प्रशंसक बढ़ा दिए। उनकी आरंभिक कामयाबी में लव रंजन का बहुत बड़ा योगदान रहा है। उनकी फिल्मों से ही कार्तिक आर्यन को आवश्यक पहचान मिली। अदायगी की कुछ विशेषताएं उनके साथ जुड़ीं। इसके बाद ‘लुकाछिपी’ और ‘पति पत्नी और वो’ ने उनकी स्थिति काफी मजबूत कर दी है। इन दोनों फिल्मों की रिलीज के पहले वे इम्तियाज अली की फिल्म साइन कर चुके थे, जिसमें उनकी हीरोइन सारा अली खान हैं।
इस फिल्म के शुरू होने से पहले एक टॉक शो में सारा अली खान ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह कार्तिक आर्यन के साथ डेट पर जाना चाहेंगी। सैफ अली खान की बेटी सारा का यह उद्घाटन कार्तिक आर्यन के लिए कारगर साबित हुआ। टॉक शो के आने के पहले ही उनकी चर्चा होने लगी और गूगल पर भारी सर्च हुआ। कुछ समय के बाद इम्तियाज अली ने कार्तिक आर्यन और सारा अली खान को लेकर फिल्म की घोषणा कर दी। यह कहीं न कहीं कार्तिक आर्यन की बढ़ती लोकप्रियता पर एक सफल फिल्मकार की मुहर थी।
कार्तिक आर्यन के व्यक्तित्व में स्टारडम की बात करें तो वह मिलेनियल पीढ़ी के शहरों और कस्बाई युवकों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनकी खास स्टाइल है, जो युवक-युवतियों को पसंद आती है। बिखरे-खड़े बाल और हल्की दाढ़ी के साथ ज्यादाटार जैकेट और हुडी में नजर आने वाले कार्तिक आर्यन धीरे-धीरे फैशन आइकन के तौर पर उभरे हैं। जिस मात्र और प्रकार से कंज्यूमर प्रोडक्ट उनका उपयोग कर रहे हैं, उससे जाहिर है कि बाजार में उनकी मांग बढ़ी है। इधर फिल्में कामयाब हो ही रही है। 2019 हर लिहाज से उनके लिए सार्थक साबित हुआ है। यह 2020 और आगे का संकेत भी दे रहा है।


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