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एक तस्वीर:अजब प्रेम की गजब कहानी

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रणबीर कपूर और कैटरिना कैफ के इस इस अजब प्रेम की गजब कहानी राज कुमार संतोषी लेकर आ रहे है। यह पहली तस्वीर है। आप बताएं कि इस गजब कहनी की फ़िल्म को देखने के लिए कितने उत्सुक हैं।

'अशोक' बनेंगे अमिताभ बच्चन और अजय देवगन

एक हैं डॉ चंद्रप्रकाश द्विवेदी...उन्होंने कुछ सालों पहले पिंजर नाम की फिल्म बनाईं थी.उस फिल्म की काफी तारीफ हुई थी.सभी ने मन था कि उन्होंने चाणक्य के बाद एक और बेहतरीन काम किया है.पिंजर के बाद डॉ द्विवेदी ने सनी देओल के साथ पृथ्वीराज रासो की योजना बनाईं.इस फिल्म की अभी घोषणा भी नहीं हुई थी कि राज कुमार संतोषी ने विज्ञापन तक प्रकाशित कर दिया कि वे अजय देवगन और ऐश्वर्या राय के साथ पृथ्वीराज रासो बनायेंगे.कहते हैं राज कुमार संतोषी और सनी देओल की पुरानी लड़ाई और अहम का शिकार हो गयी डॉ द्विवेदी की पृथ्वीराज रासो.कुछ समय के बाद पता चला कि दोनों ही फिल्मों को निर्माता नहीं मिल पाए.भगत सिंह के दौरान पैसे होम कर चुके निर्माताओं ने नहीं टकराने का फैसला लिया.नतीजा सभी के सामने है.पृथ्वीराज रासो नहीं बन सकी।

डॉ द्विवेदी मन मसोस कर रह गए.उधर राज कुमार संतोषी हल्ला बोल बनने में जुट गए.लंबे शोध और अध्ययन के बाद डॉ द्विवेदी ने अशोक के जीवन के उत्तर काल पर फिल्म बनने की सोची.इस फिल्म के सिलसिले में उनकी मुलाक़ात देश के कई निर्माताओं से हुई.सभी ने इस फिल्म में रूचि दिखाई.मामला धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था.खबर…

हल्ला बोल में दुष्यंत कुमार?

हल्ला बोल के निर्देशक राज कुमार संतोषी हैं.इस फिल्म के प्रति जिज्ञाशा बनी हुई है.पहले खबर आई थी कि इसमें सफदर हाशमी का संदर्भ है.बाद में पता चला कि नहीं सफदर तो नहीं हैं,हाँ जेसिका लाल के मामले से प्रेरणा ली गयी है.वास्तव में किस से प्रेरित और प्रभावित है हल्ला बोल ...यह ११ जनवरी को पता चलेगा.वैसे अजय देवगन को देख कर लगा रहा है कि गंगाजल और अपहरण की कड़ी की अगली फिल्म है।
अरे,चवन्नी को तो दुष्यंत कुमार की बात करनी थी.आज ही इस फिल्म का ऑडियो सीडी ले आया चवन्नी.उस ने कहीं देखा था कि इस फिल्म के क्रेडिट में दुष्यंत कुमार का भी नाम है.फटाफट सीडी के ऊपर चिपका पन्नी फाड़ा और गीतों की सूची पढ़ गया चवन्नी.उसने दिमाग पर जोर दिया लेकिन किसी भी गीत के मुखड़े में दुष्यंत कुमार के शब्द नहीं दिखे.मजबूरन थोड़े सब्र का सहारा लेकर सीडी प्ले किया.पहले गीत के शब्दों में दुष्यंत कुमार का आभास हो रहा था,लेकिन परिचित अशआर नहीं मिल रहे थे.चवन्नी ने बेचैन होकर अपने मित्र को फ़ोन किया.उसे विश्वास था कि उन्हें ज़रूर पता होगा.उनहोंने कहा कि हाँ दुष्यंत कुमार की गज़लें ली गयी हैं.जब चवन्नी ने उन्हें बताया कि कोई परिच…