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फिल्‍म समीक्षा : 3 थे भाई

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-अजय ब्रह्मात्‍मज किसी फिल्म में रोमांस का दबाव नहीं हो तो थोड़ी अलग उम्मीद बंधती है। मृगदीप सिंह लांबा की 3 थे भाई तीन झगड़ालु भाइयों की कहानी है, जिन्हें दादाजी अपनी वसीयत की पेंच में उलझाकर मिला देते हैं। किसी नीति कथा की तरह उद्घाटित होती कथानक रोचक है, लेकिन भाषा, कल्पना और बजट की कमी से फिल्म मनोरंजक नहीं हो पाई है।चिस्की, हैप्पी और फैंसी तीन भाई है। तीनों के माता-पिता नहीं हैं। उन्हें दादाजी ने पाला है। दादाजी की परवरिश और प्रेम के बावजूद तीनों भाई अलग-अलग राह पर निकल पड़ते हैं। उनमें नहीं निभती है। दादा जी एक ऐसी वसीयत कर जाते हैं, जिसकी शर्तो को पूरी करते समय तीनों भाइयों को अपनी गलतियों का एहसास होता है। उनमें भाईचारा पनपता है और फिल्म खत्म होती है। नैतिकता और पारिवारिक मूल्यों का पाठ पढ़ाती यह फिल्म कई स्तरों पर कमजोर है।तीनों भाइयों में हैप्पी की भूमिका निभा रहे दीपक डोबरियाल अपनी भूमिका को लेकर केवल संजीदा हैं। उनकी ईमानदारी साफ नजर आती है। ओम पुरी लंबे अनुभव और निरंतर कामयाबी के बाद अब थक से गए हैं। उनकी लापरवाही झलकने लगती है। श्रेयस तलपडे को मिमिक्री का ऐस…

खेल है विजन और वजन का-राकेश ओमप्रकाश मेहरा

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हमलोगों ने डेढ़-दो साल पहले सोचा था कि अपने प्रोडक्शन में दूसरे डायरेक्टरों की फिल्मों का निर्माण करेंगे। मेरे पास कई युवा निर्देशक आते रहते थे। मुझे लगता था कि उन्हें सही प्लेटफार्म मिलना चाहिए। उसी दिशा में पहली कोशिश है 3 थे भाई।कैसी फिल्म है यह?यह तीन लड़ाके और लूजर भाइयों की कहानी है। हमने हल्के-फुल्के अंदाज में इसे पेश किया है। ओम पुरी, श्रेयस तलपडे और दीपक डोबरियल ने बहुत ही सुंदर काम किया है। इस फिल्म में मुझे अशोक मेहता, गुलजार, सुखविंदर सिंह और रंजीत बारोट के साथ काम करने में मजा आया। इंटरेस्टिंग फिल्म है।इन दिनों ज्यादातर बड़े निर्माता-निर्देशक अपने प्रोडक्शन में छोटी फिल्मों का निर्माण कर रहे हैं। आपका प्रयास कितना अलग है?हम सिर्फ मुनाफे के लिए फिल्में नहीं प्रोड्यूस कर रहे हैं। फिल्म को सिर्फ बिजनेस के तौर पर मैंने कभी नहीं देखा है। ऐसा भी नहीं है कि सिर्फ छोटी फिल्में ही दूसरे निर्देशकों को मिलेंगी। बजट तो फिल्म के कंटेंट के आधार पर डिसाइड होगा। कल को हो सकता है कि बड़े बजट की एक फिल्म कोई और डायरेक्ट कर रहा हो।किस आधार पर निर्देशकों को चुन रहे हैं या भविष्य में चुनेंगे?…