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in conversation with shahrukh khan

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-Ajay Brahmatmaj One of the most anticipated movies of the year is ‘Chennai Express’ with the perfect trio: Shah Rukh Khan, Deepika Padukone and Rohit Shetty. The trailer of the film has already been released and unsurprisingly this action-comedy with the traditional SRK effect is a visual delight. As it happens to be the first association of Rohit and Shah Rukh , Dainik Jagran Film Editor, Ajay Brahmatmaj had an exclusive chat with King Khan on his next. Q. You had initially planned to team up with Rohit Shetty for remake of Angoor. Then how ‘Chennai Express’ comes in? Ans: Yes, it’s true. Actually, Rohit first approached me with the proposal to work on ‘Angoor’ remake 4-5 years back and I too was excited to do it as the original ‘Angoor’ is close to my heart. He narrated me a couple of stories including that of ‘Angoor’ and ‘Chennai Express’.  Since, Rohit wanted more time for Angoor remake, he offered me ‘Chennai Express’. Q. We have heard that ‘Chennai Express’ has many dialogues in …

प्रियंका चोपड़ा के संग अंतरंग बातें और पल

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हिंदी सिनेमा का मुंबई तक सीमित रहना उसके भविष्‍य के लिए सही नहीं-डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी

(फिल्‍मकार डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी से अजय ब्रह्मात्‍मज की बातचीत)- हिंदी सिनेमा की वर्तमान स्थिति को आप किस रूप में देखते हैं?0 हिंदी सिनेमा पर गंभीरता से विचार करें तो लंबे समय तकश्याम बेनेगल और गोविंत निहलानी सक्रिय रहे। उनके साथ के फिल्मकारों ने फिल्मों की समानंतर भाषा गढऩे और खोजने की कोशिश की। उनमें से प्रकाश झा को मैं एकऐसे फिल्मकार के तौर पर देख रहा हूं, जिन्होंने समानांतर और व्यावसायिकसिनेमा में संयोग और मेल कराने की अच्छी कोशिश की है। गौर करें तो फिलहाल हिंदी सिनेमा में सार्थकसिनेमा के लिए कम जगह रही है। उसके अपने व्यवसायिककारण हैं। सच्चाई है कि हिंदी सिनेमा ने घोषणा कर दी है कि उसका साहित्य का सार्थकता से कोई संबंध नहीं है। सिनेमा का लक्ष्य और उद्देश्य मनोरंजन करने तकसीमित कर दिया गया है। उसमें लतीफेबाजी और चुटकुलेबाजी आ गई है। फिर सार्थकता कहां से आएगी। अफसोस की बात है कि दर्शकों ने स्वीकार कर लिया है और फिल्मकारों पर मुनाफे का दबाव है। पहले माना जाता था कि सिनेमा कला और व्यवसाय का योग है। अब सिनेमा के कला कहने पर प्रश्न चिह्न लग गया है। अगर यह कला है तो कला का उद्देश्य क्…

फ़िल्म समीक्षा:स्लमडाग करोड़पति

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-अजय ब्रह्मात्मज

मुंबई की मलिन बस्ती में प्रेम

आस्कर के लिए दस श्रेणियों में नामांकित हो चुकी 'स्लमडाग मिलिनेयर' हिंदी में 'स्लमडाग करोड़पति' के नाम से रिलीज हुई है। अंग्रेजी और हिंदी में थोड़ा फर्क है। गालियों के इस्तेमाल के कारण 'स्लमडाग मिलिनेयर' को ए सर्टिफिकेट मिला है, जबकि 'स्लमडाग करोड़पति' को यू-ए सर्टिफिकेट के साथ रिलीज किया गया है। शायद निर्माता चाहते हों कि 'स्लमडाग करोड़पति' को ज्यादा से ज्यादा हिंदी दर्शक मिल सकें।
'स्लमडाग करोड़पति' विकास स्वरूप के उपन्यास 'क्यू एंड ए' पर आधारित है। फिल्म की स्क्रिप्ट के हिसाब से उपन्यास में कुछ जरूरी बदलाव किए गए हैं और कुछ प्रसंग छोड़ दिए गए हैं। उपन्यास का नायक राम मोहम्मद थामस है, जिसे फिल्म में सुविधा के लिए जमाल मलिक कर दिया गया है। उसकी प्रेमिका भी लतिका नहीं, नीता है। इसके अलावा उपन्यास में नायक के गिरफ्तार होने पर एक वकील स्मिता शाह उसका मामला अपने हाथ में लेती है। उपन्यास में राम मोहम्मद थामस धारावी में पला-बढ़ा है। फिल्म में उसे जुहू का बताया गया है। उपन्…

Nobel lecture by 2008 Literature laureate Jean-Marie Gustave Le Clézio

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माफ़ करें ,यह पोस्ट अंग्रेज़ी में है.साहित्य के लिए नोबल पुरस्कार से सम्मानित साहित्यकार का संभाषण॥

Nobel lecture by 2008 Literature laureate Jean-Marie Gustave Le Clézio
- Wednesday 17 December 2008.
Nobel LectureDecember 7, 2008
In the forest of paradoxes.
Why do we write? I imagine that each of us has his or her own response to this simple question. One has predispositions, a milieu, circumstances. Shortcomings, too. If we are writing, it means that we are not acting. That we find ourselves in difficulty when we are faced with reality, and so we have chosen another way to react, another way to communicate, a certain distance, a time for reflection.
If I examine the circumstances which inspired me to write-and this is not mere self-indulgence, but a desire for accuracy-I see clearly that the starting point of it all for me was war. Not war in the sense of a specific time of major upheaval, where historical events are experienced, such as the French campaign on the battlefield at Valmy, as …