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हम पर भी है समाज की जिम्मेदारी : दीया मिर्जा

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-स्मिता श्रीवास्‍तव दीया मिर्जा बहुआयामी व्यक्तित्व की धनी हैं। अभिनय, फिल्म निर्माण के अलावा वे खुद को सामाजिक सरोकार के मुद्दों से भी नियमित तौर पर जोड़े रखती हैं। वे कन्या भ्रूण हत्या, एचआईवी के खिलाफ अलख जगाती रही हैं। वे पर्यावरण संरक्षण की मुहिम का भी हिस्सा रही हैं। हाल ही में उन्हें स्वच्छसाथी अभियान का ब्रांड अंबेसडर भी बनाया गया है। सामाजिक कार्यों की प्रेरणा के संबंध में दीया कहती हैं,‘ यह कई चीजों का नतीजा है। आप की परवरिश काफी अहम होती है। मेरी परवरिश जिम्मेदार नागरिक बनने और सामाजिक रूप से प्रतिबद्ध रहने के तौर पर हुई। इसकी शुरुआत स्कूल से हुई। जे कृष्णमृर्ति की फिलासिफी से अपनी शिक्षा अर्जित की। हमें सिखाया गया प्यार से रहो, प्यार बांटो और प्यार फैलाओ। परिपक्व होने पर आप सोसाइटी की समस्याओं को बारीकी से समझ पाते हैं। आप मूकदर्शक बने नहीं रह सकते। खास तौर पर जब आप सेलिब्रिटी हों। सोशल वर्क जिंदगी के दायरे को बड़ा कर देता है। हम संसार से जुड़ जाते हैं।’ इसलिए जुड़ी स्वच्छता अभियान से मैं खुशकिस्मत हूं कि इतने अभियान से जुड़ी हुई हूं। मेरा मानना है कि युवा पीढ़ी में जागरूकता क…

गंगा के लिए प्रेम जगाना है - दीया मिर्जा

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सिर्फ एक नदी नहीं है गंगा - दीया मिर्जा -अजय ब्रह्मात्मज दीया मिर्जा हाल ही में गंगा की यात्रा से लौटी हैं। वह लिविंग फूड्ज के शो ‘गंगा-द सोल ऑफ इंडिया’ की मेजबान हैं। यह शो 1 मई से आरंभ होगा। इस शो में दीया ने गंगा के किनारे-किनारे और कभी गंगा की धार में यात्रा की। उन्‍होंने गंगा के किनारे बसे गांव,कस्‍बों और शहरों को करीब से देखा। इस नदी की विरासत को समझा। दीया पिछले कई सालों से पर्यावरण और प्रकृति के मुद्दों से जुड़ी हुई हैं। वे इनसे संबंधित अनेक संस्‍थाओं की सदस्‍य हैं। उनकी गतिविधियों में जम कर हिस्‍सा लेती हैं।   बातचीत के क्रम में उन्‍होंने बताया कि वह संचार माध्‍यमों में काम कर रहे लोगों की समझ के लिए प्रकृति के गंभीर विषयों पर बैठक करती हैं। इसमें परिचित और प्रभावशाली लोग आते हैं। ऐसी बैठकों में उनकी जागरूकता बढ़ती है,जिसे वे अपने काम और संपर्क के लोगों के बीच बांटते हैं। वह कहती हैं,’शहरों की स्‍कूली शिक्षा में हम प्रकृति और पर्यावरण के बारे में पढ़ते हैं। बड़े होने पर अपनी नौकरी या कारोबार में इस कदर व्‍यस्‍त हो जाते हैं कि हम उन जानकारियों का इस्‍तेमाल नहीं करते। मेरी कोशिश …

संग-संग : दीया मिर्जा-साहिल संघा

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दीया मिर्जा और साहिल संघा ने अपने प्रेम,विाह और स्‍त्री-पुरुष संबंधों पर खुल कर बातें कीं। यह सीरिज प्रेम के परतें खोलती है।21 वीं सदी में रिश्‍ते के बदलते मायनों के बीच भी प्रेम  स्‍पंदित होता है। -अजय ब्रह्मात्मज साहिल- सच की यह समस्या है कि एक बार बोल दो तो बताने के लिए कुछ नहीं रह जाता है। मैं दिया को एक कहानी सुनाने आया था। उस वक्त उन्हें वह कहानी पसंद आई थी। गलती से मैं भी पसंद आ गया था। तभी दीया ने अपनी कहानी सुनाई थी। उस कहानी पर भी मैं काम कर रहा था। स्क्रिप्ट लिखने के समय स्वाभाविक तौर पर हमारा समय साथ में बीत रहा था और हमारे कुछ समझने के पहले ही जैसा कि कहा जाता है कि ‘होना था प्यार, हो गया’। दीया:- वह एक लव स्टोरी थी। बहुत ही संवेदनशील किरदार थे उस कहानी के। इनके लिखने में जिस प्रकार की सोच प्रकट हो रही थी, वह सुनते और पढ़ते हुए मेरा दिल इन पर आ गया। फिल्म इंडस्ट्री में इतना समय बिताने के बाद हम यह जानते हैं कि लोग कैसे सोचते हैं और क्या बोलते हैं? किस मकसद से कहानियां लिखी जाती हैं? ऐसे में कोई एक अनोखा इंसान ऐसी कहानी और खूबसूरत सोच लेकर आ जाता है। इनकी कहानी में इमोशनल इंट…

निर्माता बन कर खुश हैं दीया मिर्जा

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-अजय ब्रह्मात्मज
    फिल्म निर्माण में सक्रिय दीया मिर्जा मानती हैं कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में निर्माता की छवि किसी सेठ जैसी हो गई है। ऐसा लगता है कि उसका काम केवल चेक काटना भर है। वह फिल्म निर्माण को अपने सपनों का ही विस्तार मानती हैं। उनकी दूसरी फिल्म ‘बॉबी जासूस’ इन दिनों हैदराबाद में शूट हो रही है। इस फिल्म में विद्या बालन फिल्म की शीर्षक भूमिका निभा रही हैं।
    दीया कहती हैं, ‘मैं फिल्म निर्माण को एक ऐसे बड़े मौके के तौर पर देखती हूं, जब आप अपनी पसंद की कहानियां फिल्मों में बदल सकते हैं। कैमरे के सामने एक्ट करने से यह बड़ी और जिम्मेदार भूमिका होती है। फिल्म की स्क्रिप्ट के पहले शब्द से लेकर उसके थिएटर में लगने तक की प्रक्रिया का हिस्सा बनना बहुत ही रोचक और क्रिएटिव होता है। फिल्म देख कर दर्शकों की प्रतिक्रिया से सुख मिलता है। मैं इसे एक चुनौती के रूप में लेती हूं। इस चुनौती का आनंद एक बार उठा चुकी हूं। इस बार और ज्यादा मजा आ रहा है।’
    वह आगे बताती हैं, ‘लोग मुझ से हमेशा पूछते हैं कि कैमरे के आगे और पीछे में मुझे कहां अधिक आनंद आता है? मेरे ख्याल से दोनों ही अलग दुनिया है। किस…