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डराना सबको नहीं आता: बिपाशा बसु

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-अजय ब्रह्मात्‍मज भूषण पटेल की फिल्म ‘अलोन’ के ट्रेलर, गाने और दृश्यों की सोशल मीडिया पर बहुत तारीफ हो रही है। इस फिल्म  का ट्रेलर आने के साथ बिपाशा के समकालीन कलाकारों ने आगे बढक़र उनकी तारीफ की और फिल्म के बारे में ट्विट किया। हाल-फिलहाल में किसी हीरोइन की फिल्म को ऐसी प्रशंसा नहीं मिली है। फिल्म इंडस्ट्री के इस रवैये से बिपाशा खुश हैं। उन्हें लगता है कि यह फिल्म दर्शकों को भी वैसी ही पसंद आएगी। वह बताती हैं, ‘अभिषेक, शाह रुख और दूसरे सभी दोस्तों ने ‘अलोन’ का ट्रेलर देखने के बात एक ही बात लिखी कि अब बिपाशा से ‘अलोन’ नहीं मिलना है। उनकी इस तारीफ से मैं बहुत उत्साहित हूं। मैंने अपने दोस्तों से कहा भी अगर सभी ने अकेले में मुझसे मिलना बंद कर दिया तो मैं बहुत अकेली हो जाऊंगी। मुझे खुशी है कि यह ट्रेलर आम दर्शकों से लेकर मेरे आस पास के लोगों तक पसंद किया जा रहा है। सभी जानते हैं कि हॉरर फिल्मों के सीमित दर्शक होते हैं, लेकिन इस बार लग रहा है कि ‘अलोन’ पहले की सारी सीमाएं तोड़ देगी। अगर यह फिल्म ढंग से चल जाए तो हॉरर फिल्मों के लिए बड़ा कदम होगा। हॉरर जॉनर के लिए बहुत अच्छी बात होगी।’
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फिल्‍म समीक्षा : हांटेड

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0 हांटेड हिंदी में बनी पहली 3डी फिल्म है। 3ड ी की वजह से दृश्यों में गहराई नजर आने लगती है। मसलन अगर दो दीवारें हों तो आगे और पीछे की दीवार के बीच की दूरी भी समझ में आती है। इसकी वजह से फिल्म देखने का आनंद बढ़ जाता है। 3डी एक तकनीक है, जिसका इस्तेमाल फिल्म शूट करते समय या पोस्ट प्रोडक्शन में भी किया जा सकता है। हांटेड के दृश्यों की कल्पना 3डी तकनीक को ध्यान में रख कर की गई है। 0 हिंदी फिल्मों के दर्शकों के लिए 3 डी का मतलब फिल्म देखते समय यह एहसास होना भी है कि पर्दे से कोई चीज निकली और सीधे उन तक आई। जैसे तीर चलें तो दर्शक बचने के लिए अपना सिर झटक लें। 2डी से 3डी बनाई गई फिल्मों में एक दो ऐसे दृश्य रखे जाते थे। हांटेड में ऐसे कई दृश्य हैं, कई बार तो लगता है कि पर्दे से बढ़ा हाथ हमारे चेहरे को छू लेगा।0 हांटेड का आनंद लेने के लिए जरूरी है कि आप भूत-प्रेत और आत्माओं के साथ हिंदी फिल्मों पर भी विश्वास करते हों। अगर वैज्ञानिक सोच, तर्क और कार्य-कारण संबंध खोजेंगे तो हॉरर फिल्मों की फंतासी और हांटेड का मजा किरकिरा हो जाएगा। हॉरर फिल्में पूरी तरह से काल्पनिक और अतार्किक होती हैं…