आजादी है इश्क-बारबरा मोरी

-अजय ब्रह्मात्मज 


उनका अंदाज जितना बिंदास है, बोल उतने ही बेबाक। काइट्स की विदेशी नायिका बारबरा मोरी से बातचीत के अंश- 


[काइट्स के बारे में क्या कहना चाहेंगी?]

अमेजिंग लव स्टोरी है। मैं फाच्र्युनेट हूं कि इस फिल्म का पार्ट बनने का मौका मिला। यह मेरी पहली एक्शन, इंग्लिश और बॉलीवुड मूवी है। मैं सचमुच बहुत खुश हूं।

[इस फिल्म के पहले भारत के बारे में आप क्या विचार रखती थीं? कितना जानती थीं?]

मैं भारत और यहां के सिनेमा के बारे में अधिक नहीं जानती थी। यह जानती थी कि यहां की फिल्म इंडस्ट्री बहुत बड़ी है, लेकिन यहां की फिल्में नहीं देखी थीं। मैं छुट्टी बिताने के लिए भारत आना चाहती थी। संयोग देखिए कि छुट्टी मनाने के बजाए काम करने आ गई और लगभग दो महीने रही। इस बार भी दस दिनों तक रहूंगी। भारत में मेरा हर अनुभव नया और आनंददायक रहा। यहां मैं जिससे भी मिली, उसने मेरे दिल को छुआ।

[भारत में कौन-कौन सी जगहें देख पाई?]

अभी तक मुंबई और गोवा ़ ़ ़ दूसरे ट्रिप में छुट्टी मनाने के लिए गोवा गई थी। वहां के समुद्रतट बहुत अच्छे हैं।

[रितिक के साथ काम का अनुभव अपने देश के एक्टरों से कितना अलग रहा?]

रितिक परफेक्शनिस्ट हैं। मैंने कभी ऐसे एक्टर के साथ काम नहीं किया था। वे डायलॉग और लुक सब पर ध्यान देते हैं। वे अच्छे कंपैनियन हैं। उन्होंने मेरा पूरा खयाल रखा।

[भारत और आप के देश में सांस्कृतिक भिन्नता है क्या?]

बिल्कुल है, लेकिन कई समानताएं भी हैं। आप के यहां मसालेदार भोजन होता है, हमारे यहां भी यही हाल है। आप के देश में बगैर शादी किए मां बनना एक समस्या है। मेरे देश में यह आम बात है। कई सिंगल मदर्स मिल जाएंगी। मेरा भी एक बेटा है, लेकिन मैंने शादी नहीं की है।

[मतलब आप के देश में विवाह रूपी संस्था बहुत मजबूत नहीं है?]

मजबूत है, लेकिन मेरे लिए नहीं है। मेरी अपनी चाहत है कि शादी न करूं लेकिन मां बन सकूं, तो मैं ऐसा कर सकती हूं। आप के यहां यह आम बात नहीं है। अगर मैं किसी से प्रेम करूंगी तो उसके साथ रहूंगी। प्यार खत्म हो जाएगा तो अलग हो जाऊंगी। मुझे तलाक के बारे में नहीं सोचना होगा। कोई मुआवजा नहीं देना होगा।

[आप के लिए प्रेम क्या है?]

इश्क का मतलब आजादी है। अगर आप किसी से प्रेम करते हैं तो ज्यादा आजादी महसूस करते हैं।

[क्या आपने अब भारतीय फिल्में देखी? हिंदी फिल्मों में क्या खास बात दिखी?]

यहां आने के बाद देखी हैं। मैं शाहरुख खान, प्रियंका चोपड़ा और ऐश्वर्या राय से मिल चुकी हूं। फिल्में मैंने रितिक, अनुराग बसु और राकेश रोशन की ही देखी है। हिंदी फिल्मों में डांसिंग रहती है। डांसिंग और सिंगिंग में मजा आता है।

[क्या आप ने फिल्म में डांस किया है?]

हां, किया था, लेकिन लगता है कि वह अच्छा नहीं था, इसलिए फाइनल प्रिंट से काट दिया गया।

[क्या हिंदी फिल्मों की भावुकता आप को पसंद है?]

अगर वह काइट्स की तरह है तो पसंद है। यह ईमानदार, भावुक और सच्ची प्रेम कहानी है। इस फिल्म को देखते हुए ऑडिएंस रोएगी। आप फिर से प्यार करने लगेंगे। यह बहुत ही इमोशनल फिल्म है।

[क्या आप ने हिंदी सीखी ़ ़ ़ कुछ बोल सकती हैं?]

सिर्फ गालियां। गालियां सीखी हैं । फिल्म का एक संवाद है, 'मैं उल्लू की पट्ठी हूं ़ ़ ़ मैं तुम्हें प्यार करती हूं।' हा ़ ़ हा ़ ़ हा ़ ़


Comments

Popular posts from this blog

फिल्‍म समीक्षा : एंग्री इंडियन गॉडेसेस

लोग मुझे भूल जायेंगे,बाबूजी को याद रखेंगे,क्योंकि उन्होंने साहित्य रचा है -अमिताभ बच्चन

लंदन से इरफ़ान का पत्र