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Thursday, October 21, 2010

आखिरी दो महीने में रेगुलर मनोरंजन

-अजय ब्रह्मात्‍मज

इस दीपावली पर हंसी के दो पटाखे छूटेंगे। पिछले तीन सालों से हर दीपावली में कामयाबी की रोशनी में नहा रहे रोहित शेट्टी और अजय देवगन की गोलमाल-3 पांच नवंबर को आएगी। इस दीपावली पर विपुल शाह भी अक्षय कुमार और ऐश्वर्या राय के साथ इसमें शरीक हो रहे हैं। दोनों ही फिल्में कॉमेडी हैं। गोलमाल तो पहले से ही मनोरंजक ब्रांड बन चुका है। विपुल शाह एक्शन रिप्ले में आठवें दशक के लटके-झटके लेकर आएंगे। राजेश खन्ना और सुनील दत्त की याद दिलाएगी उनकी फिल्म। वैसे विपुल की फिल्मों में संदेश का पुट रहता है। देखना होगा कि एक्शन रिप्ले में वे किस इमोशन पर जोर डाल रहे हैं।

संजय लीला भंसाली की गुजारिश का इंतजार है। उनकी पिछली फिल्म सांवरिया भले ही बॉक्स ऑफिस पर पिट गई हो, लेकिन उनकी फिल्मों की पोएट्री और लय आकर्षित करती है। इस बार उन्होंने ऐश्वर्या राय के साथ रितिक रोशन को चुना है। हमने रितिक और ऐश्वर्या को इसके पहले धूम-2 और जोधा अकबर में देखा है। उनकी जोड़ी का तीसरा अंदाज गुजारिश में दिखेगा। सिलेटी रंग में लहराती और खिलखिलाती छवियों की मधुर लय अच्छी लग रही है। संजय की कल्पना और रितिक की मेहनत अवश्य ही कुछ कमाल करेगी।

इमरान खान और दीपिका पादुकोण की ब्रेक के बाद से ज्यादा उम्मीद नहीं की जा सकती। दोनों ही अभी तक अपनी अभिनय क्षमता का परिचय नहीं दे सके हैं। वे चर्चित हैं। यूथ में पसंद किए जाते हैं, लेकिन अभी आम दर्शक उन पर भरोसा नहीं करते। ब्रेक के बाद की घटनाओं में दर्शकों की कितनी रुचि हो सकती है? हां, दीपिका की ही दिसंबर में रिलीज हो रही खेलें हम जी जान से से जरूर बड़ी उम्मीदें हैं। इस फिल्म में वे क्रांतिकारी कल्पना दत्ता का किरदार निभा रही हैं। आशुतोष गोवारीकर ने 1930 में चिटगांव विद्रोह पर यह फिल्म बनाई है। आशुतोष पीरियड फिल्मों के निर्देशन में माहिर हैं। उनकी लगान और जोधा अकबर हम देख चुके हैं। इस बार वे अभिषेक बच्चन और दीपिका के साथ स्वतंत्रता आंदोलन की एक महत्वपूर्ण कड़ी को फिर से प्रस्तुत कर रहे हैं। फिल्म के आरंभिक ट्रेलर से एक बेहतरीन फिल्म की उम्मीद बंधती है।

दिसंबर में ही यशराज फिल्म्स की बैंड बाजा बारात आएगी। पिछली कुछ फिल्मों से यशराज की फिल्में दर्शकों को पसंद नहीं आ रही हैं। इस फिल्म का टाइटल भी आकर्षित नहीं कर रहा है। निर्देशक मनीष शर्मा और हीरो रणवीर सिंह भी नए हैं। केवल अनुष्का शर्मा को अभी तक हमने देखा है। उसी हफ्ते आ रही नो प्रॉब्लम रोचक हो सकती है। अनीस बज्मी के निर्देशन में संजय दत्त, अनिल कपूर, अक्षय खन्ना, बिपाशा बसु, कंगना रनौत और नीतू चंद्रा को एक साथ देखने दर्शक आ सकते हैं। अनीस बज्मी की कॉमेडी में गति रहती है। उन्होंने डेविड धवन की शैली को आगे बढ़ाया है। इस साल सबसे अधिक फिल्में लेकर आए अजय देवगन की इस साल की आखिरी फिल्म टूनपुर का सुपरहीरो होगी। यह फिल्म लाइव एनीमेशन है। इसमें अजय के साथ काजोल भी हैं और हैं कई सारे एनीमेटेड किरदार।

साल के अंतिम आकर्षण के तौर पर तीसमार खान आएगी। फराह खान की इस फिल्म में अक्षय कुमार और कट्रीना कैफ की सफल जोड़ी है। फराह ने शाहरुख खान को धता बताकर अक्षय को इसमें लिया है। फराह खुद को मनमोहन देसाई की उत्तराधिकारी मानती हैं और कुछ वैसी ही शैली में दर्शकों का मनोरंजन करती हैं। तीसमार खान में फराह के साथ उनके पति शिरीष कुंदर का भी क्रिएटिव योगदान है।

कुल मिलाकर आखिरी दो महीने में हम आम दर्शकों के लिए रेगुलर मनोरंजन की आस लग सकते हैं। इन दो महीनों में केवल आशुतोष गोवारीकर की खेलेंगे हम जी जान से ही थोड़ी अलग और विशेष फिल्म लगती है। बाकी तो हंसाने का दौर चल रहा है और वैसी ही फिल्में आ रही हैं

1 comment:

amitesh said...

entertainment ka full dose...