बौना न कहें मेरे हीरो को - आनंद एल राय




-अजय ब्रह्मात्‍मज
तनु वेड्स मनु और रांझणा के निर्देशक आनंद एल राय अपनी नई फिल्‍म की तैयारियों में लगे हैं। इस बीच उनके बैनर कलर येलो ने निल बटे सन्‍नाटा और हैप्‍पी भग जाएगी फिल्‍मों का निर्माण किया। दोनों फिल्‍में सफल रही। इस बैनर की तीसरी फिल्‍म निम्‍मो भी अगले साल के आरंभ में आ जाएगी। पिछले दिनों शाह रूख खान ने एक ट्वीट से आनंद एल राय के साथ अपनी नई फिल्‍म की जानकारी दी। फिलहाल इस फिल्‍म का टायटल तय नहीं हुआ है। फिर भी कुछ खबरें रिस कर आ रही हैं। मसलन शाह रूख खान इसमें बौने की भूमिका निभाएंगे और यह फिल्‍म फिर से पश्चिम उत्‍तर प्रदेश की पृष्‍ठभूमि में होगी।
-आप की अगली फिल्‍म के लिए शाह रूख खान को किस ने चुना ? कहानी ने,फिल्‍म ने,आप ने या शाह रूख ने स्‍वयं यह फिल्‍म चुनी?
0 डायरेक्‍टर की जिंदगी में हर नई फिल्‍म कहानी से ही शुरू होती है। कहानी ने पहले मुझे चुना और फिर उसी कहानी ने उन्‍हें चुना। उसके बाद हम दोनों साथ आ गए।
-शाह रूख खान के प्रति आप के झुकाव की शुरूआत कैसे हुई?
0 पहली चंद मुलाकातों में ही स्‍पष्‍ट हो गया था कि इतने सालों के सफर और जबरदस्‍त कामयाबी के बावजूद उन्‍होंने अपने अंदर दिल्‍ली के लड़के को जिंदा रखा है। पांच मिनट की बातचीत में ही लग गया था कि उनसे कोई भी बात कहने में दो बार नहीं सोचना पड़ेगा। वे एहसास दिला देते हैं कि वे बड़े स्‍टार हैं,लेकिन इसके साथ यह भी जाहिर करते है कि उतार-चढ़ाव के साथ वे यहां तक पहुंचे हैं। वे आज जहां हैं,वहां ऐसे ही नहीं हैं। स्‍टारडम के बावजूद उनकी मासूम सादगी ही आप को उनका फैन बना देती है।
-शाह रूख दिल्‍ली से हैं।आप भी दिल्‍ली से हैं। आगामी फिल्‍म में दिल्‍ली कनेक्‍ट कितना खास होगा?
0 मैं ऐसे नहीं देख रहा। दिल्‍ली से होने के बावजूद दो लोगों का नजरिया एक सा होना जरूरी नहीं है। अपनी लाइफ को देखने का उनका नजरिया मुझे बहुत पसंद आता है। इस ऊंचाई पर शाह रूख बने रहना आसान नहीं है। उसकी वजह से हम खुद को उनके करीब पाते हैं।
-खुद शाह रूख दिल्‍ली का जिक्र करने या दिल्‍ली वालों के साथ की केमिस्‍ट्री की बात करने से नहीं हिचकते...
0 आरंभिक तौर पर इससे सहूलियत होती होगी। वे जब किसी से प्‍यार करते हैं तो उसे एक नाम या कारण दे देते हैं। मेरा मानना कि किसी इंसान के पसंद आने पर वे उसके करीब जाते हैं। उसके साथ काम करते हैं।
-क्‍या कहानी है? खबर है कि वे एक बौने व्‍यक्ति का किरदार निभा रहे हैं?
0 इस कहानी में एक इंसान है,जिसका कद छोटा है। यह उस कहानी का यूएसपी नहीं है। यह किरदार है। अगर कोई इसे सिर्फ बौने की कहानी में समेट दे तो मैं खुद को छोटा महसूस करने लगता हूं1 वह एक खूबसूरत किरदार है। अभी उस किरदार की यूएसपी नहीं बता सकता। जल्‍दी ही कुछ दिखाऊंगा।  
-कैसी फिल्‍म है? अभी सारे लोकप्रिय स्‍टार प्रयोग कर रहे हैं। यह शाह रूख का प्रयेग होगा?
0 अभी यही कह सकता हूं कि यह मेरे लिए डिफिकल्‍ट पिच है। अगर सब कुछ सही तरीके से मैंने कस लिया तो दर्शकों को अच्‍छा ही लगेगा। अच्‍छी बात है न कि 25 सालों से पॉपुलर रहे स्‍टार इस फेज में प्रयोग कर रहे हैं। नई कहानियों के नायक बन रहे हैं। थोड़ा इंतजार करें। मेरे लिए यह खास फिल्‍म है। हर कोई कह रहा है कि यह बौने की कहानी है और इसमें काफी वीएफएक्‍स है। लोग इमोशन की बातें क्‍यों नहीं कर रहे? यह इमाशन और एटीट्यूड की फिल्‍म है।ढीठ व्‍यक्ति की कहानी है।
-कहां का बैकड्राप है? आप की फिल्‍मों में स्‍थान मुखर रहाता है...
0 मैं शहर नहीं चुन रहा। मैं टेंपरामेंट और एटीट्यूड पर जोर दे रहा हूं। यह फिल्‍म मेरठ,गाजियाबाद,दिल्‍ली और मुंबई के साथ एक बार फ्लाइट लेकर न्‍यूयार्क भी जाएगा।
-फिल्‍म के टायटल को लेकर रहस्‍य बना हुआ है?
0 मैं सस्‍पेंस और सरप्राइज देर तक नहीं रोक पाता। इस बार कोशिश कर रहा हूं। इस फिल्‍म में अलग किस्‍म का रोमांस है। संगीत काफी महत्‍वपूर्ण होगा। आने वाले एक महीने में सब जाहिर हो जाएगा।
-कब से शूटिंग आरंभ कर रहे हैं?
0 इस साल के अंत या अगले साल के आरंभ में...

Comments

Popular posts from this blog

फिल्‍म समीक्षा : एंग्री इंडियन गॉडेसेस

लोग मुझे भूल जायेंगे,बाबूजी को याद रखेंगे,क्योंकि उन्होंने साहित्य रचा है -अमिताभ बच्चन

लंदन से इरफ़ान का पत्र