सिनेमालोक : इंडस्ट्री में आई ख़ुशी की लहर


सिनेमालोक
इंडस्ट्री में आई ख़ुशी की लहर
-अजय ब्रह्मात्मज
ढाई महीने तो हो ही गए. 19 मार्च से फिल्म संबंधी सारी गतिविधियां थप हैं. लाइट कैमरा एक्शन की आवाज नहीं सुनाई पड़ी. सब कुछ पॉज पर है. पिछले एक पखवाड़े से फिल्म इंडस्ट्री की संस्थाएं मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से शूटिंग की अनुमति की अपील कर रही हैं. कुछ मुलाकातों और वीडियो चैट के बाद आखिरकार राज्य सरकार ने शूटिंग के लिए सहमति जाहिर की है. साथ ही 16 पृष्ठों का दिशानिर्देश भी जारी किया है. शूटिंग के लिए तैयार यूनिटों को इसका पालन करना पड़ेगा.
सबसे पहले तो इलाके के जिलाधिकारी से शूटिंग की अनुमति लेनी होगी. उसके बाद दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा. किसी प्रकार की कोताही कलाकारों और तकनीशियनों के लिए भारी मुसीबत खड़ी कर देगी. निश्चित ही दिशानिर्देशों के पालन में हर फिल्म यूनिट का खर्च बढेगा. ऐसे में बड़े प्रोडक्शन हाउस अपनी निर्माणाधीन फिल्मों की बची-खुची शूटिंग पूरी कर लेंगे और जल्दी से जल्दी पोस्ट प्रोडक्शन पूरा कर रिलीज की तैयारी करेंगे. छोटे और मझोले निर्माताओं की आर्थिक दिक्कतें बड़ी हो गई हैं. ऐसा लग रहा है कि जल्दी ही सिनेमाघरों को भी खोलने के निर्देश दिए जाएंगे. जानकार बताते हैं कि महीनों के पॉज के बाद फिल्मों की गतिविधियों के नियमित व सुचारू होने में वक्त लगेगा. नई फिल्मों के फ्लोर पर जाने की बात अभी नहीं सोची जा सकती.
फिल्मों से ज्यादा बढ़ा संकट रनिंग टीवी शो का है. पूर्णबंदी से नए एपिसोड के आभाव में रनिंग टीवी शो बंद करने पड़े हैं. उनकी जगह पुराने एपिसोड दिखाए जा रहे हैं या किसी पुराने धारावाहिक व शो का प्रसारण किया जा रहा है. इसी मजबूरी में दूरदर्शन ने 30-32 साल पुराने धारावाहिकों का प्रसारण किया. दूरदर्शन पर ‘रामायण’ और ‘महाभारत की पर्याप्त दर्शक मिले,लेकिन बाकी शो का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा. यही स्थिति सैटेलाइट चैनलों की भी रही. उनके भी दर्शक छीजे हैं. दर्शकों को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जारी वेब सीरीज का विकल्प मिल गया है. 4 से 9 एपिसोड के इन वेब सीरीज को देखने का अनुभव संपूर्ण मनोरंजन के लिए लिहाज से कामयाब हो रहा है. टीवी चैनलों को अपने दर्शकों को वापिस बुलाने में मशक्कत करनी पड़ेगी.
राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देशों पर गौर करें तो इसमें कोरोना वायरस से बचने आम उपायों के साथ-साथ अनेक दूसरी हिदायतें भी दी गई हैं. सबसे पहले तो यूनिट के सदस्यों की संख्या में भारी कटौती करनी होगी. केवल ३३ प्रतिशत स्टाफ को अनुमति दी जाएगी. सरकार ने माना है कि मुख्य कलाकारों की संख्या कम नहीं की जा सकती है. फिर भी गर्भवती अभिनेत्रियां शूटिंग में शामिल नहीं हो सकतीं. 10 साल से कम उम्र के बाल कलाकार और 65 से अधिक उम्र के वरिष्ठ कलाकारों को भी ना आने की सलाह दी गई है. इसका मतलब होगा कि अमिताभ बच्चन, परेश रावल, अनुपम खेर.नसीरुद्दीन शाह,शबाना आज़मी,हेमा  जैसे वरिस्थ कलाकारों के लिए शूटिंग करना संभव नहीं होगा. कलाकारों को निर्देश दिया गया है कि वे घर से ही तैयार होकर आएं. दो शॉट के बीच में उन्हें अपनी गाड़ी में बैठने की सलाह दी जा रही है. मेकअप करते समय उन्हें पीपीई पहन कर बैठना होगा. उन्हें अपने स्टाफ कम करने के लिए भी कहा गया है. निर्देश के मुताबिक जूनियर आर्टिस्ट न बुलाये जाएं तो बेहतर. शूटिंग के दृश्यों में मेला, भीडभाड़,समारोहों के दृश्यों के लिए मनाही की जा रही है. सोशल डिस्टेंसिंग के पालन के लिए यह जरूरी है,
साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन पर यूनिट को पूरा ध्यान देना होगा. सेट पर सैनिटाइजर और अन्य जरूरी सामग्रियों की व्यवस्था निर्माता को करनी होगी. सेट पर डॉक्टर और नर्स को रखना अनिवार्य है. खान-पान संबंधी अनेक निर्देश दिए गए हैं. कपिल शर्मा के कॉमेडी शो जैसे प्रोग्राम कि शूटिंग के लिए दर्शक दीर्घा खाली रखना पड़ेगा. गेम शो में भी ऐसी एहतियात बरतनी होगी.
दिशा-निर्देशों की इन व्यवहारिक मुश्किलों के बावजूद फिल्म इंडस्ट्री में खुशी की लहर है. ढाई महीनों से हाथ पर हाथ धरे बैठे कलाकारों और तकनीशियनों का काम चालू होगा तो हाथों में दो पैसे आएंगे. राहत मिलेगी.

Comments

Modern Kabootar said…
कोरोना काल में जाने कितनी ही इंडस्ट्रीज़ हैं जो थम चुकी हैं। सिनेमा भी उनमें से एक है। लेकिन कोरोना एक ऐसी मुसीबत है जिसने हम इंसानों को एकदम लाचार कर दिया है। अब तो ईश्वर से ही प्रार्थना करना बाकी रह गया है। काश ईश्वर धरती को इस मुसीबत से जल्द से जल्द छुटकारा दिला दे।
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