दिल से करती हूं अपना काम: जिजेली मोंटेरो

दिल से करती हूं अपना काम: जिजेली मोंटेरो-अजय ब्रह्मात्‍मज

दो फिल्मों के बाद जिजेली मोंटेरो हिंदी फिल्मों केदर्शकों के लिए अपरिचित नहीं रहीं। लव आज कल और आलवेज कभी-कभी में दिखीं जिजेली मूलत: ब्राजील की हैं। उनका ज्यादातर समय अभी भारत में गुजरता है। मॉडलिंग और ऐक्िटग दोनों में एक साथ सक्रिय जिजेली के लिए िफलहाल सबसे बडी चुनौती हिंदी है। वह स्पष्ट कहती हैं कि अगर हिंदी फिल्मों में काम करना है तो हिंदी सीखनी ही होगी। हिंदी में कुछ बोलने का आग्रह करने पर विदेशी लहजे में हिंदी शब्दों का उच्चारण करती हुई वह पूछती हैं, क्या बोलूं? बताएं कि मुंबई कैसी लगती है और अभी कैसा मौसम है? इस सवाल पर वह खामोश हो जाती हैं और फिर एकबारगी किसी सोते की तरह आवाज फूटती है, बहुत अच्छी लागती है बांबे। मौसम में बारिस है। थोडा प्रॉब्लम होता है, बट नो प्रॉब्लम शब्दों और अभिव्यक्ति की इस वर्जिश पर हम दोनों हंसने लगते हैं।

मासूम खूबसूरती

जिजेली की सौम्यता ने सभी को प्रभावित किया। फिल्म लव आज कल देखकर निकले सभी दर्शकों के मन में एक ही सवाल था कि हरलीन कौर कौन है? पंजाबी कुडी हरलीन कौर की कमसिन और मासूम खूबसूरती से सभी दंग थे। तब किसी को एहसास नहीं था कि इस खूबसूरती की जडें ब्राजील में होंगी। वह बताती हैं, मेरे पिता-माता भी मुझे भारतीय कहने में हिचकते नहीं थे। मेरे दादा इटली से ब्राजील आए थे। मां की तरफ से मेरा परिवार ब्राजील का है, फिर भी मेरा रंग-रूप विलक्षण किस्म से भारतीय है। सभी मुझे इंडियन ब्यूटी कहते हैं। इस संयोग में निहित संभावनाओं के साथ वह भारत आई थीं। वह याद करती हैं, मॉडलिंग के सिलसिले में मैं दूसरे देशों की यात्रा करती थी। सभी ने सलाह दी कि तुम्हारा लुक इंडियन है तो भारत में भी कोशिश करो और मैं भारत आ गई।

लोकप्रियता का सफर

इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी लव आज कल की लोकप्रियता ने पहली ही झलक में जिजेली को ठोस मुकाम दे दिया। वह तुरंत ही कई कंपनियों की ब्रैंड एंबेसेडर बन गई। उनका चेहरा फैशन डिजाइनरों को भा गया। जिजेली अपनी दूसरी फिल्म आलवेज कभी-कभी से बेहद खुश हैं। हालांकि यह बहुत नहीं चली, लेकिन उन्हें सुपरस्टार शाहरुख खान के साथ ठुमके लगाने के साथ मंच और स्क्रीन शेयर करने का मौका मिला। वह खुश होकर बताती हैं, डायरेक्टर रोशन अब्बास ने मुझे थोडी ज्यादा हिंदी बोलने का मौका दिया। यह अनुभव पहली फिल्म से गाढा और लंबा था। हिंदी फिल्मों में काम करना आसान नहीं है, लेकिन सही लोगों का साथ मिले तो अधिक मुश्किल भी नहीं है। शाहरुख खान के साथ ऑन-ऑफस्क्रीन खडे होने का अवसर कितनी अभिनेत्रियों को मिल पाता है?

करियर

पहली दो फिल्मों में हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के दो खानों के साथ काम करने के बाद जिजेली नई फिल्मों की तैयारी कर रही हैं। वह कहती हैं, देखूं तीसरा खान कौन होता है? वैसे पहले दोनों खानों के साथ फिर से काम करने में मुझे दिक्कत नहीं है। और खान ही क्यों मैं तो कपूर, रोशन, बच्चन और बाकी सभी के साथ भी काम करने को तैयार हूं। अभी तैयारी में हूं। उम्मीद है, जल्दी ही एक फिल्म साइन करूंगी और हिंदी का अभ्यास भी आरंभ हो जाएगा। हिंदी नहीं जानने से दिक्कत होती है, लेकिन मैं जानती हूं कि करियर बनाना है तो भाषा सीखनी ही होगी। मेरी फिलॉसफी है कि खुद को प्रवाह में छोड दो, कोई न कोई किनारा मिल जाएगा। मैं अपना हर काम दिल से करती हूं। फिल्म हो या मॉडलिंग। अगर दिल नहीं लगेगा तो छोड दूंगी। चाहती हूं कि पॉवरफुल वुमन का रोल करूं। देखूं कब तक मिलता है। वैसे भारत के लोग बहुत अच्छे हैं। सभी का स्वागत करते हैं और सम्मान भी। मैं भी उन्हें प्यार करती हूं।

Comments

Popular posts from this blog

लोग मुझे भूल जायेंगे,बाबूजी को याद रखेंगे,क्योंकि उन्होंने साहित्य रचा है -अमिताभ बच्चन

फिल्‍म समीक्षा : एंग्री इंडियन गॉडेसेस

Gr8 Marketing turns Worst Movies into HITs-goutam mishra