किस्‍मत पर कम हुआ यकीन-तिग्‍मांशु धूलिया

-अजय ब्रह्मात्मज
    निर्देशक तिग्मांशु धूलिया इन दिनों एक्टिंग कर रहे हैं। ‘बुलेट राजा’ के बाद उनकी कोई फिल्म फ्लोर पर नहीं गई है। खाली समय में वे एक्टिंग के ऑफर स्वीकार कर रहे हैं। यहां तक कि अपनी आगामी फिल्म ‘यारा’ में भी वे इरफान के साथ नजर आएंगे। पिछले दिनों उनसे इस अभिनय प्रसंग पर बातें हुई।
-अभिनय में आप की सक्रियता बढ़ गई है इन दिनों। कोई खास वजह?
0 ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ के बाद लोगों का ध्यान गया कि मैं एक्टिंग भी कर सकता हूं। अभी तक इसे करिअर बनाने का इरादा नहीं है। शुरू में दोस्तों के ऑफर या यों कहें कि डिमांड  ठुकरा नहीं सका। फिलहाल निखिल आडवाणी की फिल्म ‘हीरो’ में शम्मी कपूर वाली भूमिका निभा रहा हूं। अनुराग कश्यप निर्देशित धारावाहिक में भी दिखूंगा, जिसमें अमिताभ बच्चन हैं। उसमें अमित जी ईमानदार बिजनेसमैन बने हैं। मैं उस धारावाहिक में होम मिनिस्टर बना हूं। भ्रष्ट राजनीतिज्ञ हूं। अभी जून से आरंभी हो रही अपनी  ‘यारा’ में छोटी भूमिका निभा रहा हूं।
-एक्टिंग की तरफ रुझान कैसे हुआ?
0 मुझे एक्टिंग के ऑफर मिलते रहे हैं। मुझे करना नहीं था। हंसल मेहता की ‘शाहिद’ में सुनील वोहरा ने वकील के रोल के लिए राजी कर लिया। वह एक दिन का काम था। केतन मेहता की ‘माउंटेन मैन’ में भी किया। केतन ने बुलाया तो ना नहीं कह सका। उनके साथअपनी पहली फिल्म ‘सरदार पटेल’ की थी। उनका बड़ा उपकार रहा है। ‘बुलेट राजा’ की शूटिंग से समय निकाल कर मैंने वह फिल्म की। दोस्ती में की गई फिल्मों के लिए पैसे नहीं लिए थे।
-अभी भी क्या दोस्ती और मुफ्त में काम कर रहे हैं?
0 नहीं, इधर पैसों की जरूरत महसूस हुई। सच कहूं तो एक्टिंग मेरी क्रिएटिव जरूरत नहीं है। फिल्मों में अपनी क्रिएटिविटी की हसरतें पूरी कर लेता हूं। जब ‘हीरो’ कर रहा था तो एहसास हुआ कि एक्टिंग भी की जा सकती है। अनुराग कश्यप के धारावाहिक तक यह खयाल नहीं आया था। वह धारावाहिक तो मैंने अमित जी की वजह से किया। यही सोचा कि पता नहीं कब उनके साथ कोई फिल्म बनाऊंगा। चलो इसी बहाने उनके साथ खड़ा होने का तो मौका मिलेगा। कहने को हो जाएगा कि मैंने अमिताभ बच्चन के साथ काम किया है। ‘हीरो’ में लडक़ी का पिता हूं। पॉजीटिव कैरेक्टर हूं। तमाम इमोशन हैं। मुझे लगा कि सभी सीरियसली ले रहे हैं। फिर ‘यारा’ हो गई। इसके बावजूद मैं बता रहा हूं कि कोई सेक्रेटरी वगैरह रख कर काम खोजने की कोशिश नहीं करूंगा। मेरा पहला काम रायटिंग और डायरेक्शन ही है।
-खुद को डायरेक्ट करना कितना आसान होगा? क्या कभी किसी नाटक में खुद के डायरेक्शन में एक्ट किया है आप ने?
0 नाटक में तो किया है। देखें फिल्म का अनुभव कैसा रहता है। अभी तो मानीटर वगैरह की सुविधा हो गई है। हिंदी फिल्मों में मनोज कुमार में डायरेक्टर-एक्टर का उम्दा कांबीनेशन देखता हूं। वे जबरदस्त शॉट टेकिंग करते थे। ‘मैं न भूलूंगा’ गाना ही देख लीजिए। मेरे लिए मुश्किल नहीं होगी। ‘यारा’ में दस दिनों का काम है, बस।
-क्या हम कभी आप को स्वयं के डायरेक्शन में मेनलीड में भी देख सकेंगे?
0 नहीं। ऐसा नहीं होगा। बतौर एक्टर तो बिल्कुल नहीं। स्क्रिन पर मैं खुद को अजीब लगता पसंद नहीं करता हूं। अजीब लगता हूं। ‘यारा’ के लिए मेहनत करनी है। वजन कम करना है। ज्यादा सेहतमंद दिखूंगा। लुक और मेकअप पर ध्यान दूंगा। अगस्त-सितंबर तक फिट हो जाऊंगा।
- ‘यारा’ के अलावा और कौन सी फिल्मों की योजना है? सुना है कि अभिषेक बच्चन के साथ भी कुछ कर रहे हैं?
0 उनके साथ बातचीत चल रही है। एक स्क्रिप्ट उन्हें पसंद आई है। हम लोग डायरेक्टर खोज रहे हैं। हो सकता है कि वह हम दोनों का को-प्रोडक्शन हो। अभिषेक के साथ और भी फिल्मों पर बात चल रही है। एक को तो मैं डायरेक्ट करूंगा।
- ‘मिलन टाकीज’ और ‘बेगम समरू’ किस स्टेज पर है?
0 ‘मिलन टाकीज’ बालाजी के साथ करनी है। अभी वे लोग व्यस्त हैं। मैं भी खाली नहीं हूं। अभी तक एक्टर फायनल नहीं हुए हैं। जल्दी ही कुछ फैसला होगा। उस फिल्म की स्क्रिप्ट सभी को पसंद आती है, लेकिन फिल्म शुरू नहीं हो पा रही है।
-आशा-निराशा के बीच किस्मत पर भरोसा बढ़ गया होगा?
0 मैं पहले किस्मत को मानता था। अब यकीन कम हो गया है। लगा कि गलतियां हमारे अंदर थीं। मैं जल्दी ही भरोसा कर लेता हूं और सभी से सहमत हो जाता हूं। वह मेरी पर्सनैलिटी की समस्या है। मैं तो समझ ही नहीं पाता कि सभी को कैसे संदेह से देखा जाए? अभी इंडस्ट्री का मजेदार फेज चल रहा है। उतार आया है तो चढ़ाव भी आएगा।

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