आमिर की ईमानदारी

चवन्नी को आमिर खान पसंद हैं.अपनी बातों और प्रतिक्रियाओं से वे इस में इजाफा करते हैं.पिछले दिनों उनके भाई फैसल को लेकर कई तरह की खबरें आयीं.मीडिया का एक तबका आमिर के पीछे लगा ही रहता है.उसे मौका मिल गया .उन सभी ने फैसल की मानसिक बीमारी के लिए आमिर को जिम्मेदार ठहराया और उनकी लानत-मलामत की.आमिर आदतन चुप रहे.यह वक्त भी नही है कि आमिर चिल्ला कर सबको दिल की बाट बताएं।
बहरहाल,आमिर ने अपने प्रशंसकों से वादा किया है कि वे अपनी हर बात उनसे शेयर करेंगे सो उनहोंने अपने वेब साईट पर चंद पंक्तियों में अपनी दशा का ज़िक्र किया है.उनहोंने लिखा है कि .... मुझे माफ़ करें दोस्तों,मेरी परिस्थितियां ऐसी हो गयी हैं कि में आप से किसी भी प्रकार का सार्थक संवाद नही कर सकता.कृपया मेरी तकलीफ समझें.यह वक्त मेरे लिए और मेरे परिवार के लिए अत्यंत मुश्किल है.उम्मीद करता हूँ कि जल्दी ही कुछ लिखूंगा।
चवन्नी के एक पत्रकार मित्र ने बिलकुल सही लिखा कि आमिर के भाई फैसल को माइक की नही मेडीसिन की ज़रूरत है।
आमिर के पिता ताहिर हुस्सैन के बारे में सभी जानते हैं.आमिर की मां के साथ वे नही रहते.उनकी आमिर से अलग किस्म की खटपट है.वे आमिर को नीचा दिखाने का कोई भी मौका हाथ से नही जाने देते.आमिर और फैसल के संबंधों की बात करें तो आमिर ने फैसल के कैरीअर के लिए हर संभव मदद की.फैसल मानसिक रूप से यह स्वीकार नही कर पाते कि उनका भाई इतना सफल है और वे अपनी ज़िंदगी में कुछ भी हासिल नही कर सके.इस मानसिक दशा का इलाज ज़रूरी है।
चवन्नी उम्मीद करता है कि आमिर पहले की तरह इस मुश्किल से भी निकल आयेंगे.

Comments

Sajeev said…
chavnnii ji aamir ka apni patni ka tyaag karne aur dusari shaadi karne ko aap kaise justify karenge, haan ye ek personnal matter hai par ek jagah maine amir ko khud ye kahte suna tha wo ek public figure hain aur un ko ek bada samaaj follow karta hai
chavannichap said…
talaaq ke baad doosri shadi katai apraadh nahi hai.
Vikas Shukla said…
चवन्नी जी,
प्रथेम पत्नी के साथ आमीर की तलाक हुई और उन्होंने दूसरी शादी की. माना कि ये उनका व्यक्तिगत जीवन है. लेकिन उनके चाहनेवालोके मनको इस बातसे ठेस पहुंची है, ये बात अस्वीकार नही हो सकती. खुद मेरे घरमे मेरी पत्नी और बेटी उन्हे अब कम पसंद करने लगे है.
Udan Tashtari said…
कलाकार को कलाकार की जगह जीवन का आदर्श मान लेने पर इस तरह के झमेले सामने आते हैं..वरना तो हम आप साधारण तौर पर अपना जीवन अपने हिसाब से जी ही रहे हैं तो उसे क्यूँ न हासिल हो यह अधिकार जब तक इस अधिकार से वो कोई फायदा उठाने का प्रयास न कर रहा हो...वरना तो उँगलियाँ उठेंगी. :) जो उठ रही हैं. :) हम पर नही उठ रहीं, चव्वनी भाई...बच गये आपकी कृपा से,,,वरना हम भी कम सेलिब्रएटी नहीं हैं :)
kya Amir ko eka sadharan aadamiban kra jeene ka hakq nahin hai. saare parivaar ke logon ke jivana ke baare men prashnon ka uttara use hi kyon denea padata hai. . apane pairo para khade ho kara sabako chalana hai chahe fazel ho ya ki koi aur.

phir doosare para ungali uthana adhik aasaan hota hai jab ham apani taraph hi dekhen to kitane savaalon ke javaab hamamen paas hain.

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