फैमिली एंटरटेनमेंट है ‘चेन्नई’ एक्सप्रेस-रोहित शेट्टी


-अजय ब्रह्मात्मज
    अजय देवगन के साथ अनेक सफल फिल्में देने के बाद रोहित शेट्टी शाहरुख खान के साथ ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ लेकर आ रहे हैं। दो सफल स्टार के अनुभव अलग रहे होंगे। क्या उनके अप्रोच और बाकी चीजों में कोई बड़ा फर्क होता है? रोहित शेट्टी शाहरुख के बारे में बताते हैं, ‘सभी को लगता है कि बिगेस्ट स्टार शाहरुख खान अपने बैगेज के साथ आए होंगे? अपने एटीट््यूड और वर्किंग स्टायल के साथ आए होंगे? मुझे ऐसा कोई अनुभव नहीं हुआ। उन्होंने हमारी सुविधाओं के लिए अपने कंफर्ट छोड़े। उन्होंने कभी कोई सवाल नहीं पूछा। ऐसा लगा कि हम किसी न्यूकमर के साथ काम कर रहे हैं। कई बार चौबीस घंटे भी काम किए। सुबह में आए। वे हमेशा मोटीवेट करते हैं। वे इस फिल्म के निर्माता भी हैं,लेकिन कभी ‘क्यों’ नहीं पूछा?’
    ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ वास्तव में 2008 में लिखी गई थी। तब रोहित शेट्टी ‘गोलमाल रिटन्र्स’ बना रहे थे। तभी के सुभाष ने उन्हें यह कहानी सुनाई थी। उस कहानी पर उनकी टीम ने काम किया। यह फिल्म लिखी जाती रही और रोहित शेट्टी अपनी दूसरी फिल्में बनाते रहे। तात्पर्य यह कि ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ शाहरुख खान के लिए नहीं लिखी गई थी। रोहित इसे स्वीकार करते हैं और आगे बताते हैं, ‘शाहरुख खान के साथ तो ‘अंगूर’ की बात चल रही थी। वह मुझे मुमकिन नहीं लग रही थी। बड़ा करने के साथ उसे बदलना मुश्किल हो रहा था। फिर ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ निकली। मैंने शाहरुख को स्क्रिप्ट यह सोचते हुए सुनाई कि यह मेरी आखिरी मुलाकात होगी, क्योंकि मैंने ‘अंगूर’ को ड्रॉप कर इसे पेश कर दिया था। मजेदार बात हुई कि उन्हें ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ पसंद आ गई। बाद में हमारी टीम ने शाहरुख के हिसाब से स्क्रिप्ट में जरूरी तब्दीली कर दी।’
    रोहित आगाह करते हैं कि यह अलग फिल्म है। फिर खुद ही जोड़ते हैं,्र ‘यह रोहित शेट्टी की ही फिल्म है। फिर से गाडिय़ां उड़ेंगी। मस्ती होगी। इन सब के बीच फिल्म अचानक मुड़ जाएगी। लेकिन वह खलेगा नहीं। पहली बार मेरी फिल्म में रोमांस दिखेगा। अभी एडीटिंग में देख रहा हूं तो लग रहा है कि फिल्म अच्छी बन गई है। मेरी फिल्मों की फैमिली आडिएंस होती है। के सुभाष की वजह से ओल्ड स्कूल इसमें रोमांस दिखेगा। मेरा मानना है कि आज के यूथ ने वह रोमांस नहीं देखा है। ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ एक तरह से ओल्ड स्कूल फिल्म है, लेकिन उसमें मेरा आज का टच है। ‘सिंघम’ बनाते समय भी यही मेरे ध्यान में था कि ओल्ड स्कूल एक्शन होने पर भी मैं आज के दर्शकों को कुछ नया दूंगा। आप देखें कि उसके एटीट्यूड की नकल हो रही है। नई पीढ़ी के दर्शकों को ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ फिल्म अच्छी लगेगी।’
    फिल्म की कहानी छोटी सी है। एक लडक़े को अपने दादा की अस्थियां लेकर रामेश्वरम जाना है। उसे अपने दादा की अंतिम इच्छा पूरी करनी है। ट्रेन में चढ़ते ही उसे यह लडक़ी मिलती है। लडक़ी एक मुसीबत में फंसती है और यह भी उसके चक्कर में पिस जाता है। इस जर्नी में वह अपने वैल्यू रियलाइज करता है। फिल्म में नॉर्थ और साउथ का अच्छा मेल है। क्या यह फिल्म समझने में दिक्कत नहीं होगी, क्योंकि फिल्म की हीरोइन तमिल बोलती है? रोहित स्पष्ट करते हैं, ‘यह फिल्म इमोशनली सभी को समझ में आएगी। फिल्म में कैरेक्टर तमिल बोलते नजर आएंगे, लेकिन फिल्म इस तरह लिखी गई है कि उसे हिंदी दर्शक भी समझ जाएंगे। मैंने एक सिंपल एक्सपेरिमेंट किया है।’
    फिल्म के प्रोमो में शाहरुख खान बताते हैं कि में 40 साल का हूं। क्या यह जरूरी था? हिंदी फिल्म के हीरो तो हमेशा जवान रहते हैं? रोहित उम्र बताने की वजह बताते हैं, ‘मैं नहीं चाहता था कि दर्शक किसी और उम्मीद से आएं। फिल्म की कहानी में ही वह 40 साल का है। दादा के चक्कर में उसकी कोई गर्लफ्रेंड नहीं टिकी। दादा की अंतिम इच्छा पूरी करने की जर्नी में वह दादा के विचारों पर बढ़ता चला जाता है और उसे एहसास होता है कि दादा सही थे। मेरा हीरो मैच्योर है, लेकिन उसकी कुछ उलझनें हैं। उम्र बताने से यह फायदा हुआ कि दर्शकों ने उसे एक्सेप्ट कर लिया। अब वे 40 साल के शाहरुख खान को देखने आएंगे।’
    ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ में दीपिका पादुकोण हैं। यह एक तमिल कैरेक्टर निभा रही हैं। रोहित शेट्टी भी उनके साथ पहली काम कर रहे हैं? दीपिका के परफारमेंस से खुश रोहित शेट्टी कहते हैं, ‘दीपिका का किरदार प्रोमो से स्पष्ट हो गया है। वह बहुत ही डाइसी और डैंजरस कैरेक्टर है। तमिल लहजे में हिंदी बोलती है। मुझे डर था कि कैरी केचर या आफेंसिव न हो जाए। ओवर द टॉप भी न हो। चार दिनों दीपिका किरदार में ढल गई। उसे बाद दीपिका ने काफी मेहनत की है। वह तमिल और गंवई लडक़ी लगेगी। दीपिका ने अभी तक मॉडर्न लडक़ी का ही रोल कर रही है। मुझे अच्छा लगा कि दीपिका की तमिल साड़ी को प्रोमो से ही लोग पसंद कर रहे हैं।’
    ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ शाहरुख और रोहित दोनों के लिए जबरदस्त चेंज है। शाहरुख बदले अंदाज में दिखेंगे, लेकिन रोहित में आया बदलाव तो अगली फिल्म में दिखेगा। रोहित मानते हैं कि किसी भी स्टार का अपना प्रभाव तो होता ही है। साथ ही वह स्टार भी नए निर्देशक के साथ थोड़ा नया होता है। ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ में बदलाव का सही मेलजोल दर्शकों को अच्छा लगेगा।

Comments

Popular posts from this blog

लोग मुझे भूल जायेंगे,बाबूजी को याद रखेंगे,क्योंकि उन्होंने साहित्य रचा है -अमिताभ बच्चन

फिल्‍म समीक्षा : एंग्री इंडियन गॉडेसेस

Gr8 Marketing turns Worst Movies into HITs-goutam mishra