‘फितूर’ में साथ आएंगी रेखा और कट्रीना


-अजय ब्रह्मात्मज
    रेखा, कट्रीना कैफ और आदित्य राय कपूर ़ ़ ़ अभिषेक कपूर की आगामी फिल्म ‘फितूर’ के तीनों कलाकारों के इस संयोग का कमाल पर्दे पर अगले साल दिखेगा। स्वयं अभिषेक कपूर इस कमाल के प्रति उत्सुक और उत्साही हैं। ‘सच कहूं तो अपनी ड्रीम कास्टिंग के बावजूद मैं अभी नहीं बता सकता कि पर्दे पर तीनों का साथ आना कैसा जादू बिखेरेगा? मेरी फिल्म ‘फितूर’ आम हिंदी फिल्म नहीं है। सभी जानते हैं कि यह चाल्र्स डिकेंस के उपन्यास ‘ग्रेट एक्पेक्टेशंस’ पर आधारित है। लेकिन मेरी फिल्म मूल उपन्यास के पन्नों से निकल कर भारतीय माहौल में बनेगी तो किसी और रूप में नजर आएगी,’ कहते हैं अभिषेक कपूर।
    ‘फितूर’ में रेखा और कट्रीना कैफ का साथ आना  हिंदी फिल्मों की एक बड़ी घटना है। 1970 में ‘सावन भादो’ से शुरुआत कर अंतिम फिल्म ‘कृष 3’ 2014 तक के सफर में रेखा ने अपनी प्रतिभा की विविधता का परिचय दिया है। लंबे समय तक नायिका की भूमिका में विभिन्न किरदारों को जीने के बाद निजी जिंदगी में वह रहस्य की मूर्ति बन गई हैं। अन्य अभिनेत्रियों की तरह आए दिन उनकी खबरें नहीं छपतीं। वह दिखती भी नहीं हैं। कभी-कभार किसी समारोह में अपनी मौजूदगी भर से वह सभी का ध्यान खींच लेती हैं। कांजीवरम साडिय़ों में उनकी आकर्षक भाव-भंगिमाओं को देख कर लगता है कि उम्र भी उन्हें छूने से डरती है। इधर एक-दो अवार्ड समारोहों में उन्होंने जब नए लोकप्रिय सितारों के साथ ठुमके लगाए तो दर्शकों से ज्यादा वे सितारे ही पुलकित नजर आए। रेखा का रहस्य सम्मोहित करता है। उनके बारे में जिज्ञासु बनाता है।
    ‘फितूर’ के लिए अभिषेक कपूर ने जब रेखा से संपर्क साधा तो उन्हें अनुमान नहीं था कि रहस्यमयी रेखा खुले दिल से उनका स्वागत करेंगी। एक तो फिल्मों से बनी उनकी इमेज और दूसरे रहस्य में लिपटी उनकी निजी जिंदगी ़ ़ ़ अभिषेक कपूर बताते हैं, ‘रेखा जी से संपर्क करना अधिक मुश्किल नहीं था। वह तैयार हो गईं तो मैं स्क्रिप्ट सुनाने की तैयारियों में लग गया। चाल्र्स डिकेंस के उपन्यास ‘ग्रेट एक्सपेक्टेशंस ’ के बारे में वह जानती थीं। मेरी स्क्रिप्ट में मूल किरदार का नाम और परिवेश अलग है। स्क्रिप्ट सुनाते समय मुझे लगा कि वह मेरा पक्ष समझ रही हैं। वह अपने किरदार को समझ सकीं। मेरी कहानी के लिए वह सहज ही तैयार हो गईं। उन्हें कहानी सुनाना, उनके व्यक्तित्व को समझना और जानना मेरे लिए रोचक अनुभव रहा। उनके व्यक्तित्व में एक मिस्ट्री तो है ही, लेकिन जब वह हंसते हुए रिएक्ट करती हैं तो एहसास होता है कि गहरे रहस्य से पर्दा उठ रहा है। हम सभी उनकी फिल्में देखते हुए बड़े हुए हैं। फिल्मों के साथ उनका व्यक्तित्व कद्दावर हुआ है। मुझे पूरा यकीन है कि उनके साथ काम करने से मेरा स्तर बढेगा। मैं बतौर निर्देशक समृद्ध हो जाऊंगा।’
    रेखा की प्रतिभा असंदिग्ध है। यही बात कट्रीना कैफ के बारे में नहीं कही जा सकती। पिछले कुछ सालों में कट्रीना कैफ की लोकप्रियता बढ़ती गई है। वह समकालीन अभिनेत्रियों की अगली कतार में हैं। रणबीर कपूर के साथ उनके प्रेम संबंधों की चर्चा ने उन्हें इन दिनों सुर्खियों में बदल दिया है। इसके बावजूद क्या वह रेखा के साथ एक ही फ्रेम में उनके समकक्ष या समतुल्य अभिनय कर सकेंगी? लोकप्रियता के बावजूद बतौर अभिनेत्री कट्रीना ने अभी ऐसी कोई यादगार फिल्म नहीं की है। ‘फितूर’ के निर्देशक अभिषेक कपूर इन आशंकाओं को सिरे से खारिज कर देते हैं। वे अपना पक्ष रखते हैं, ‘किसी भी कलाकार को भांपना या आंकना उचित नहीं है। ‘रॉक आन’ में जब मैंने अर्जुन रामपाल को चुना था, तब भी ऐसे सवाल उठे थे। मुझे खुशी है कि ‘रॉक ऑन’ के लिए अर्जुन रामपाल को नेशनल अवार्ड मिला था। मुझे यकीन है कि ‘फितूर’ से कट्रीना की छवि बदल जाएगी। फिल्म डायरेक्टर का माध्यम है। डायरेक्टर और एक्टर के परस्पर सहयोग से किरदार गढ़ता और संवरता है। कट्रीना की स्क्रीन प्रेजेंस चमत्कारी है। दर्शक या पत्रकार हर कलाकार को एक व्यक्ति के रूप में देखते हैं। हम निर्देशकों के लिए कलाकारों का कांबीनेशन महत्वपूर्ण होता है। हम फिल्म में उनके लिए माहौल क्रिएट कर देते हैं। फिर उनकी एनर्जी का इक्वेशन काम करता है। उनके बीच की केमिस्ट्री वर्क करती है। हर फिल्म में कलाकारों के सम्मिलित प्रयास से ही कहानी उभरती है। इस बार मुझे रेखा और कट्रीना का साथ आना इंटरेस्टिंग लग रहा है। अब देखना है कि परफारमेंस किस रूप में निकल कर आता है और क्या जादू बिखेरता है? मुझे रेखा और कट्रीना में समर्पित कलाकार मिले हैं। मुझे अपनी स्टाइल में उन्हें पेश करना है।’
    ‘फितूर’ में रेखा बेगम साहिबा की भूमिका में हैं। कट्रीना कैफ फिल्म में फिरदौस के रूप में दिखेंगी तो नूर की के रोल में आदित्य राय कपूर नजर आएंगे। फिल्म का मूल कथ्य प्रेम है। प्रेम और उसके प्रभाव से तीनों किरदार प्रभावित होते हैं। यह फिल्म उन किरदारों की जर्नी में आए बदलावों का भी चित्रण करती है। कश्मीर की पृष्ठभूमि पर बन रही इस फिल्म की शूटिंग मुंबई, दिल्ली, कश्मीर और लंदन में होगी। अभिषेक कपूर की कोशिश है कि फिल्म में मौसम भी किरदार के रूप में नजर आए। शूटिंग पर जाने के पहले ‘फितूर’ के कलाकार रेखा, कट्रीना कैफ और आदित्य राय कपूर सम्मिलित रीडिंग और वर्कशॉप में शामिल होंगे। उनके इस वर्कशॉप का संचालन फिल्म के कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा करेंगे। अभिषेक कपूर वर्कशॉप का महत्व बताते हैं, ‘इस वर्कशॉप से कलाकार एक-दूसरे के अप्रोच और स्टाइल से परिचित होंगे। चूंकि तीनों पहली बार साथ आ रहे हैं, इसलिए इस वर्कशॉप से अपरिचय के रुखड़े किनारे चिकने हो जाएंगे। वे एक-दूसरे को नहीं चुभेंगे। वर्कशॉप कर लेने से शूटिंग में आसानी हो जाती है।’


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