मधुमती का बुकलेट

सिनेमा के छात्र,अध्‍येता और कर्ता इसे अवश्‍य देखें और पढ़ें1 पहले यह चलन था कि फिल्‍म के साथ ऐसे बुकलेट छापे जाते थे। इसमें  कथासार,गाने और कल‍ाकारों तकनीशियनों की सूची रहती थी। इन दिनों हर कोई कहानी बताने या सुनाने से परहेज करता है। पहले ऐसा कोई डर नहीं रहता था। बिमल राय की मधुमती का यह बुकलेट मुझे उनकी बेटी रिंकी राय भट्टाचार्य के सौजन्‍य से मिला। बिमल राय के समय और जीवन पर एक प्रदर्शनी आगामी 7 जुलाई से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज वास्‍तु संग्रहालय के क्‍यूरेटर गैलरी में आरंभ हो रही है। इसका उद़्घाटन हंसल मेहता करेंगे।। भारत में हम हर साल सैकड़ों फिल्‍में बनाते हैं और लगभग उतने ही नष्‍ट भी कर देते हैं। तात्‍पर्य यह कि फिल्‍मों का संग्रहालय तो है ,लेकिन उसके रख-रखाव और संरक्षण पर पर्याप्‍त्‍ा ध्‍यान नहीं दिया जाता। स्‍वयं निर्माताओं की भी संरक्षण में रुचि नहीं रहती।        









Comments

Popular posts from this blog

लोग मुझे भूल जायेंगे,बाबूजी को याद रखेंगे,क्योंकि उन्होंने साहित्य रचा है -अमिताभ बच्चन

तो शुरू करें

फिल्म समीक्षा: 3 इडियट