इंपैक्‍ट 2014 : आमिर खान, कपिल शर्मा

इंपैक्ट 2014
-अजय ब्रह्मात्‍मज
आमिर खान
    ‘सत्य की जीत’ का संदेश बुलंद करता अमिर खान का टीवी शो ‘सत्यमेव जयते’ पहला ऐसा अनोखा शो है, जिसमें मुख्य रूप से सामाजिक मुद्दों, कुरीतियों और चलन पर सवाल उठाए गए। विमर्श के केंद्र में लाए विषयों को आमिर खान ने आत्मीयता और गंभीरता के साथ न केवल पेश किया, बल्कि निदान, समाधान और विकल्प के भी सुझाव दिए। हर एपिसोड में किसी एक विषय के सभी पहलुओं को प्रस्तुत करते समय साक्ष्य रखे गए। ‘सत्यमेव जयते’ की टीम ने आमिर खान और उनके मित्र व सहयोगी सत्यजित भटकल के निर्देशन और निरीक्षण में वस्तुनिष्ठ रहते हुए विषयों का विश्लेषण और विमर्श किया। पहले सीजन में ही सत्यमेव जयते के प्रभाव से सरकारी और निजी संस्थानों को सुझाए रास्तों पर बढऩे की प्रेरणा मिली। आमिर खान के हर शो में निदान और सहयोग में सक्रिय व्यक्तियों और संस्थाओं के प्रयासों की मुखर प्रस्तुति रही। इस शो ने टीवी दर्शकों समेत भारतीय समाज में एक मन आंदोलन सा खड़ा कर दिया, जिसका निश्चित सामाजिक संदर्भ बना। इस साल आमिर खान ने शो के प्रसारण के बाद देश के किसी एक शहर में जाकर सीधे प्रसारण से स्थानीय नागरिकों समेत पूरे देश से संवाद किया। सत्यमेव जयते में उठाए मुद्दों के शोध, अध्ययन और प्रस्तुति की गहनता ने आमिर खान समेत पूरी टीम को भावनात्मक रूप से झिंझोड़ और निचोड़ दिया है। सभी मनोवैज्ञानिक रूप से प्रभावित हुए हैं। सत्यमेव जयते की एंकरिंग करते हुए आमिर खान  ने जरूरी समझा कि वे कमर्शियल और कंज्यूमर प्रोडक्ट के विज्ञापनों से दूर रहेंगे। इस वजह से उन्हें लगभग 200 करोड़ का सालाना नुकसान हुआ है। उपभोक्ता संस्कृति के इस दौर में जहां हर फिल्मी हस्ती येन-केन-प्रकारेण अधिकाधिक कमाई में लीन और तल्लीन है, वहां आमिर खान का यह आर्थिक त्याग भी प्रेरक और उल्लेखनीय है।

कपिल शर्मा
    आधुनिक समाज में तनाव और कठिनाइयां बढ़ती ही जा रही हैं। यह महज संयोग नहीं है कि इस दौर में टीवी शो और फिल्मों में हास्य-विनोद के विषय सफल हो रहे हैं। निजी जिंदगी की तकलीफों से घबराए दर्शकों को ऐसे शो और फिल्मों से राहत मिलती है। टीवी पर पिछले कुछ सालों से अनेक कॉमेडी और लाफ्टर शो पॉपुलर रहे हैं। उनमें ज्यादातर एडल्ट कंटेंट रहता था।  उन्हें कपिल शर्मा के ‘कॉमेडी नाइट्स विद कपिल शर्मा’ ने एक नई ऊंचाई और लोकप्रियता देने के साथ प्राइम टाइम पर घरों में ले आए और फैमिली शो बना दिया। कपिल शर्मा का यह शो घर-घर में देखा जाता है। इसकी लोकप्रियता का अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि यह शो फिलहाल हर पॉपुलर और बड़े स्टार की फिल्म के प्रोमोशन का मंच बन गया है। अमिताभ बच्चन हों कि शाह रुख खान या फिर ‘दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे’ के हजारवें हफ्ते का जश्न ़ ़ ़ सभी इस शो में आने के बाद ही प्रचार की पूर्णता मानते हैं। कपिल शर्मा ने पूर्व प्रचलित कॉमेडी और लाफ्टर शो में पारिवारिकता के साथ स्टूडियो के दर्शकों की भागीदारी भी शामिल की है। उनका अंदाज दर्शकों को आमंत्रित करता है। वे घर बैठे दर्शकों को भी शो का हिस्सा बना लेते हैं। हालांकि टीवी और फिल्मों में प्रचलित कॉमेडी की सीमाओं में उनका शो भी बंधा हुआ है, जिसमें महिलाओं का मजाक उड़ाया जाता है। फिर भी शो के सूत्रधार के रूप में कपिल शर्मा की कोशिश रहती है कि हंसी-मजाक और छींटाकशी में शालीनता बनी रहे। मध्यवर्गीय पृष्ठभूमि से आए कपिल शर्मा टीवी के बहुसंख्यक मध्यवर्गीय दर्शकों की अच्छी समझ और संवेदना रखते हैं। सिद्धू और गुत्थी की मदद से वे आमंत्रित मेहमानों के साथ हास्य की सरिता रचते हैं, जिसमें दर्शकों को डूबना-उतरना और ठहाका लगाना अच्छा लगता है।


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