रिया की पार्टी में नहीं आएंगे रुश्दी

चवन्नी कल रात से ही परेशान था .उसे बताया गया था कि रिया सेन की जन्मदिन पार्टी में सलमान रुश्दी आ रहे है.मायानगरी मुम्बई के लिए यह बड़ी घटना है और चवन्नी को इस पर नज़र रखनी चाहिए.चवन्नी ने अपना चश्मा साफ किया और कल रात जल्दी सो गया ताकि ताज़ा दिमाग से पूरे मामले को देख और समझ सके.सलमान रुश्दी सिर्फ लिख कर ही परेशान नहीं करते.वे देख कर भी दुखी करते हैं.अब इसी प्रसंग को लें.पद्मा लक्ष्मी से बिछुड़े अभी कुछ ही महीने हुए होंगे और जनाब रिया सेन के रसिक हो गए।

हुआ यों कि परमेश्वर गोदरेज की एक पार्टी में शामिल होने के लिए वे मुम्बई आये थे.बड़े लोगों की उस पार्टी में कई बड़ी हस्तियाँ थीं.वहीं अपनी सेन सिस्टर्स रिया और राइमा भी थीं.दोनों आकर्षक हैं,जवान हैं और नैन मटक्का करने में उन्हें ज्यादा परेशानी नहीं होती.वास्तव में चवन्नी की मध्यवर्गीय बिरादरी की यह समस्या है कि कोई पुरुष किसी स्त्री से थोडा अंतरंग हो जाता है तो खबर फैल जाती है कि आग लगने वाली है,क्योंकि धुआं दिखा है.चवन्नी को लगता है कि यह धुआं उन पत्रकारों के दिमाग में रहता है जो भावनात्मक रुप से असुरक्षित ज़िंदगी जी रहे होते हैं.उस पर अलग से और कभी बात होगी।

रिया और रुश्दी के प्रसंग में नया पेंच यह है कि रुश्दी साहब का दिल रिया और राइमा की अम्मा मुनमुन सेन पर आया है.और वहाँ तक पहुँचने के लिए उन्हें बेटियों का जरिया आसान लगा.पार्टी के दौरान उन्होंने थोडी रूचि और अंतरंगता दिखाई.लगे हाथ रिया ने उन्हें अपने जन्मदिन के लिए आमंत्रित कर लिया.रुश्दी जैसा व्यक्ति भला क्यों रिया का दिल तोड़ता?उन्होंने कहा कि जरूर आएंगे.खबर फैल गयी।

ताज़ा खबर है कि सलमान रुश्दी चुपके से अपने ठिकाने को रवाना हो गए और अब रिया सफ़ाई देत फिर रही हैं कि ऐसी तो कोई बात ही नहीं थी.चवन्नी खुश है कि चलो राहत मिली.

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