मैं खुद को जागरुक मानती हूं:कटरीना कैफ



मैं खुद को जागरुक मानती हूं: कैटरीना डांसिंग डॉल और ग्लैमर गर्ल के नाम से मशहूर कैटरीना कैफ कबीर खान निर्देशित न्यूयॉर्क में माया का किरदार निभा रही हैं। यह भूमिका उनकी अभी तक निभायी गयी भूमिकाओं से इस मायने में अलग है कि फिल्म की कहानी सच को छूती हुई गुजरती है। उनके किरदार में भी वास्तविकता की छुअन है। बूम से हिंदी फिल्मों में आई कैटरीना कैफ ने अनी सुंदरता और अदाओं से खास पहचान बनायी है। वे पॉपुलर स्टार हैं, लेकिन अभी तक गंभीर और संवेदनशील भूमिकाएं उनसे दूर रही हैं। ऐसा लग रहा है कि न्यूयार्क की शुरूआत उन्हें नयी पहचान देगी।
आप फिल्म के किरदार माया से किस रूप और अर्थ में जुड़ाव महसूस करती हैं?
इस फिल्म का ऑफर मुझे कबीर खान ने दिया। उन्होंने मुझसे कहा कि अभी तक मैंने सभी फिल्मों में ग्लैमरस रोल निभाए हैं। मेरे सारे किरदार आम दर्शकों की पहुंच से बाहर रहे हैं किसी सपने की तरह। मैं माया के रूप में आपको ऐसी भूमिका दे रहा हूं जो दर्शकों के अड़ोस-पड़ोस की लड़की हो सकती है। उससे सभी जुड़ाव महसूस करेंगे। हो सकता है कालेज में आप ऐसी लड़की से मिली हों। एक ऐसी लड़की, तो अपनी सी लगे।
क्या आपने निजी जीवन में कभी आतंकवाद के प्रभाव को महसूस किया है?
नहीं, सीधे तो नहीं। ऐसी बहसों में शामिल रही हूं, जहां आतंकवाद की चर्चा चल रही हो। मुसलमानों को लेकर बात चल रही हो। अमेरिका में 9/11 के बाद मुसलमानों को लेकर जो आम धारणा बन गयी है। मेरे लिए मुसलमानों के प्रति बनी यह धारणा 9/11 ट्रेजडी से कम नहीं है। सही जानकारी नहंीं होने से यह धारणा बनी है।
क्या आप 9/11 के पहले और बाद की दुनिया में फर्क महसूस करती हैं?
पूरी दुनिया में तो नहीं, लेकिन अमेरिका में फर्क दिखता है। मैं तो वहां के राष्ट्रपति के रूप में ओबामा के चुनाव को उस फर्क का ही परिणाम मानती हूं। अमेरिका में अश्वेत राष्ट्रपति का चुनाव बड़ी घटना है। मुझे लगता है कि अमेरिका के नागरिक आतंकवादियों या कथित आतंकवादियों के प्रति अमेरिकी रवैए को समझते हैं।
क्या अमेरिका की यात्राओं में आप ने कभी एशियाई मूल के लोगों के प्रति मौजूद भेदभाव महसूस किया है?
नहीं ़ ़ ़व्यक्तिगत तौर पर नहीं। इसकी वजह यह हो सकती हैं कि मैं जवान लड़की हूं। मैं सिक्यूरिटी गार्ड को किसी पुरूष की तरह संभावित खतरा नहीं लगती होऊं।
आप हांगकांग में पैदा हुई। अमेरिका और लंदन में पली-बढ़ीं और अब भारत में काम कर रही हैं। क्या आप स्वयं को किसी विश्व नागरिक के रूप में देखती हैं?
इसके अलावा काम के सिलसिले में मैंने बीस से अधिक देशों की यात्राएं की हैं। उन देशों में लंबे समय तक रही हूं। मैं खुद को विश्व नागरिक कह सकती हूं। लेकिन एक बात कहूंगी कि मैं भारत आने पर महसूस करती हूं कि मैं यहीं की हूं। मैं सच कहती हूं, ब्रिटेन में रहते हुए मैंने खुद को वहां का महसूस नहीं किया। मुझे एशियाई ही समझा जाता रहा। मुझे लंदन में सौ प्रतिशत स्वीकृति नहीं मिली।
क्या आपके पास भारत का पासपोर्ट है?
इस बातचीत में यह सवाल गैरजरूरी है।
कोई बात नहीं। आप न्यूयॉर्क के डायरेक्टर कबीर खान के बारे में बताएं?
उन्हें अपनी पहली फिल्म के लिए नेशनल अवार्ड मिला। मैं उन्हें अत्यंत प्रतिभाशाली और संवेदनशील डायरेक्टर मानती हूं। वह मुसलमान समुदाय और इस्लाम के बारे में इतना जानते हैं। फिल्म शुरू करते समय मैंने उनसे पूछा था कि कहीं डाक्यूमेंट्री शैली में तो वे फिल्म नही बना रहे हैं। अगर ऐसा होगा तो मैं वैसी फिल्मों में यकीन नहीं करती। उन्होंने कहा कि इस फिल्म से सभी जुड़ाव महसूस करेंगे। इस फिल्म की प्रेम कहानी, इमोशन और ड्रामा में दर्शक रुचि लेंगे। इमोशन में हर जवान दर्शक को अपनी कहानी लगेगी, क्योंकि उनके भी दिल टूटे होंगे या उन्हें अपने प्यार का सिला नहीं मिला होगा। इंटरवल के बाद फिल्म की स्थितियां बदल जाती हैं, लेकिन वहां भी व्यक्त भावनात्मक तनाव परिचित लगेगा।
क्या आपने पिछले साल बनी खुदा के लिए देखी थी? न्यूयॉर्क उसी लाइन की फिल्म लगती है।
हां, मैंने वह फिल्म देखी है। बहुत अच्छी फिल्म है। न्यूयार्क उससे अलग है। यह प्यार, रिश्ते और दोस्ती की फिल्म है। 9/11 इसकी पृष्ठभूमि में है।
आप प्रकाश झा की राजनीति भी कर रही हैं। लगता है कि आप सीरियस फिल्मों की तरफ मुड़ रहीं हैं?
राजनीति सीरियस फिल्म नहीं है। उसमें नाटकीयता है ़ ़ ़ड्रामा है। पूरा मनोरंजन है उसमें। वह आज का महाभारत है। रिश्ते और मूल्यों की बातें हैं। जरूरी तो नहीं कि हर फिल्म फन फिल्म हो।
उस फिल्म में आपका किरदार देश की मशहूर नेता से मिलता-जुलता है। पहली बार आप साड़ी में दिखीं और आप के बाल पीछे की तरफ कर के काढ़े गए हैं। अपनी पापुलर छवि से अलग दिखीं हैं आप?
फिल्म में और भी बहुत कुछ है। आपने जो तस्वीरें देखीं, वे कुछ खास प्रसंगों की हैं। उस समय मैं राजनीति में आ चुकी हूं। अभी उस फिल्म के बारे में ज्यादा बातें करना सही नहीं होगा।
अपने छोटे से करिअर में आपने हर तरह की फिल्म कर ली। कैटरीना को अधिक मजा किस तरह की फिल्म में आता है?
मुझे थीम अच्छी लगे और स्क्रिप्ट मजबूत हो तो मुझे हर तरह की फिल्म अच्छी लगती है। डायरेक्टर सही फिल्म बना रहा हो और आप फिल्म से सहमत हों।
क्या इस तरह की बातें आप न्यूयॉर्क की तैयारी की वजह से कर पा रहीं हैं? या सामान्य तौर पर आप इतनी जागरूक हैं?
फिल्म करने की वजह से जानकारी बढ़ी। मैं खुद को जागरूक मानती हूं।

Comments

Pravir said…
साक्षात्कार तो अच्छा है. अच्छा होता अगर आप कैटरीना की फोटो-शॉप्ड तस्वीर का इस्तेमाल ना करते.

Popular posts from this blog

लोग मुझे भूल जायेंगे,बाबूजी को याद रखेंगे,क्योंकि उन्होंने साहित्य रचा है -अमिताभ बच्चन

खुद के प्रति सहज हो गई हूं-दीपिका पादुकोण