शुक्रवार,२१ सितंबर



माफ़ करें -चवन्नी ने आप से वादा किया था कि हर शुक्रवार को आप से बात करेगा]लेकिन अगले ही हफ्ते उसे मुम्बई से बाहर निकलना पड़ा.कुछ ऐसी व्यस्तता रही कि चाह कर भी चवन्नी कुछ लिख नही सका.एक माफ़ी तो मिल ही सकती है।इस हफ्ते कई बड़ी बातें हुईं.सांवरिया और ओम शांति ओम फिल्मों के मुजिक रिलीज हुए.बड़ा जलसा रहा .सांवरिया में दोनों कपूर परिवार मौजूद था तो ओम शांति ओम में शाहरुख़ खान का जलवा था.अजीब बात है कि दोनों फ़िल्में एक ही दिन रिलीज हो रही है.चवन्नी के पाठकों में से ज़्यादातर पहले दिन सांवरिया देखने की योजना बाना राहे हैं।
आज ३ फ़िल्में रिलीज हुई हैं.मनोरमा सिक्स फीट अंडर,ढोल और लायंस ऑफ पंजाब रिलीज हुई हैं.इनमें से नवदीप सिंह की की मनोरमा उल्लेखनीय आर दर्शनीय फिल्म है.समाज के काले और अंधेरे सच को नवदीप ने वास्तविकता के साथ चित्रित किया है.ढोल जैसी दर्जनों फिल्में आप देखा चुके हैं,इसलिए चवन्नी की राय है कि मनोरमा ही देखने जाएं.लायंस ऑफ पंजाब चवन्नी के पाठकों की फिल्म नहीं है.वैसे भी वह अंग्रेजी में बनी है.इधर मल्टीप्लेक्स आने से अंग्रेजी सिनेमा कं दर्शक बढ़े हैं.चवन्नी वैसे दर्शकाें की परवाह भी नहीं करता.

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